यौन उत्पीड़न मामले में जोधपुर में पेशी पर आए आरोपित आसाराम ने एक बार फिर यहां मौजूद लोगों को अपने बयान से चौंका दिया। उनके इस बयान के बाद ही चर्चाओं का दौर भी शुरू हो गया।
दरअसल, बुधवार को आसाराम को जोधपुर कोर्ट में पेशी पर लाया गया था। यहां कोर्ट परिसर में दाखिल होने से पहले ही उनके समर्थक दर्शनों के लिए लालायित दिखे। इसी दौरान कोर्ट में दाखिल होते ही आसाराम ने कहा कि गर्मी है गर्म होने से बचें... दोपहर की गर्मी से मेरा सिरदर्द बढ़ जाता है। यहां समर्थकों के सामने आसाराम ने कुछ पंक्तियां भी बोली। जिसमें उन्होंने कहा कि खून पसीना बहता जा...तान के चादर तू सोता जा...ये संसार की किश्ती तो हिलती जाएगी...कोई हंसता जाएगा कोई रोता जाएगा...। यही नहीं आसाराम ने ये भी कहा कि बड़ी से बड़ी आपदा के लिए तैयार रहो।
इसके बाद से ही लोगों ने उनके इस बयान को लेकर तरह—तरह के कयास लगाना शुरू कर दिया है। लोगों में ये चर्चा शुरू हो गई है कि आखिर आसाराम ने ऐसा क्यों कहा? आखिर क्या आपदा के लिए तैयार होने के लिए आसाराम ऐसा कह रहा है? गौरतलब है कि आसाराम अपने विवादास्पद बयानों के कारण पहले भी चर्चा में रहे हैं चाहे उन्होंने एम्स में नर्स को लेकर टिप्पणी की हो या देश की कानून व्यवस्था पर सवाल उठाकर। एक बार तो आसाराम ये भी कह चुके हैं कि मात्र एक लड़की की वजह से लाखों लोग परेशान हो रहे हैं। आसाराम जेल प्रशासन पर भी यह कहकर अंगुली उठा चुके हैं कि जब मैं जेल आया था तो मुझे सिर्फ दो बीमारियां थी लेकिन जेल की हवा की वजह से मुझे 6 और बीमारियां हो गई हैं।
आसाराम को जेल में बंद हुए करीब पौने चार वर्ष हो चुके हैं। आसाराम की ओर से आधा दर्जन से अधिक जमानत याचिकाओं व अर्जियों को अदालत खारिज कर चुकी है। बीते करीब चार वर्षों इस केस में कई बदलाव आए। आसाराम पर गवाहों पर हमले व हत्या के आरोप भी लगे। वहीं, वे जमानत को लेकर देश के सर्वोच्च न्यायालय तक गुहार लगा चुके है, लेकिन उन्हें सफलता नहीं मिली है।