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आसाराम के वकील से दुर्व्यव्हार के मामले में हाईकोर्ट ने जताई नाराजगी, ये है कारण

Wed, 17 Jan 2018 07:29 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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यौन उत्पीड़न के मामले में फंसे आसाराम मामले की सुनवाई सेंट्रल जेल में करवाने को लेकर दायर पुलिस विभाग की याचिका पर आज राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर मुख्यपीठ में सुनवाई हुई। इस दौरान पिछली सुनवाई पर उदयमंदिर पुलिस थाने के सीआई द्वारा आसाराम के वकील के साथ कथित दुर्व्यव्हार के मामले में आज स्पष्टीकरण व शपथ पत्र पेश किया गया।
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जस्टिस गोपाल कृष्ण व्यास व जस्टिस विनीत माथुर की खंडपीठ में मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान वरिष्ठ अधिवक्ता सुराणा खुद भी कोर्ट में मौजूद रहे। सरकार की ओर से एएजी शिवकुमार व्यास ने पैरवी करते हुए पक्ष रखा और कहा कि सीआई के शपथ पत्र में बताया गया कि हाईकोर्ट के आदेश से धारा 144 प्रभावी होने के चलते ऐसा कदम उठाया गया, लेकिन अधिवक्ता के साथ दुर्व्यवहार की मंशा नहीं थी इसके लिए माफी भी मांगी गई।

अप्रार्थीगण की ओर से अधिवक्ता एमआर सिंघवी ने कहा कि हाईकोर्ट ने 14 सितम्बर 2015 को आदेश दिया था उसमें धारा 144 का उल्लेख था, लेकिन कहा कि घटना के दिन वहां धारा 144 लागू नहीं थी। इसलिए सीआई की ओर से पेश शपथपत्र गलत है।
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हाईकोर्ट ने भी मौखिक रूप से नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि यदि ऐसा है तो सीआई के खिलाफ विभागीय कारवाई होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने अगली सुनवाई पर 29 जनवरी को पुन: स्पष्टीकरण पेश करने आदेश दिए हैं।
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