राजस्थान हाईकोर्ट ने यौन उत्पीड़न के आरोपी आसाराम और राज्य सरकार को आवश्यक निर्देश देते हुए जेल में सुनवाई की याचिका पर चार सप्ताह का समय दिया है।
जस्टिस गोविन्द माथुर की खंडपीठ में सुनवाई के दौरान आसाराम के अधिवक्ताओं ने कहा कि अब तो मामले में केवल दो-तीन गवाह ही शेष रहे हैं, ऐसे में जेल में सुनवाई को शिफ्ट नहीं किया जाए।
वहीं सरकार की ओर से एएजी शिवकुमार व्यास ने कहा आसाराम को पेशी पर लाते व ले जाते समय रास्ते में व कोर्ट परिसर में समर्थकों का जमघट लगा रहता है। ऐसे में कोई अनहोनी घटित ना हो जाए, इसीलिए जेल में सुनवाई को शिफ्ट करना आवश्यक है। हाईकोर्ट ने फिलहाल चार सप्ताह का समय देते हुए निर्देश दिए हैं कि समर्थको को नियंत्रित रखा जाए। अदालत ने पुलिस को भी सुरक्षा व्यवस्था रखने के निर्देश दिए हैं।