राजस्थान बेरोजगार चित्रकला अभ्यर्थी संगठन
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अजमेर जिले में राजस्थान बेरोजगार चित्रकला अभ्यर्थी संगठन के बैनर तले कला शिक्षकों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट के बाहर अनोखा प्रदर्शन किया। कला शिक्षकों ने अपनी बड़ी—बड़ी कलमों और पुस्तकों के साथ गाने गाकर बोर्ड में कला शिक्षा के नाम पर हो रहे फर्जीवाड़े का रोष जताया। उन्होंने बोर्ड चेयरमेन से स्टूडेंटस के भेजे गए सत्रांक नम्बरों में हुए फर्जीवाड़े की जांच करवाने की मांग की।
जस्थान बेरोजगार चित्रकला अभ्यर्थी संगठन के प्रदेश सचिव महेश गुर्जर ने बताया कि कला शिक्षा विषय वर्ष 1992 से अनिवार्य विषय के रूप में पाठ्यक्रम में शामिल किया गया। उस विषय के लिए किसी प्रशिक्षित शिक्षक की नियुक्ति नहीं की जाती। जिससे कला शिक्षक बेरोजगार हो रहे हैं। गुर्जर ने बताया कि सरकार ने कला शिक्षा को कक्षा 8 एवं 10 में अनिवार्य विषय के रूप में भी शामिल किया है। जिसमें मूर्ति कला, चित्रकला, संगीत, नाट्य नृत्य आदि शामिल है। मगर विद्यार्थियों को इसकी शिक्षा नहीं दी जाती है और इनके प्रेक्टिकल भी नहीं करवाए जाते जबकि विद्यार्थियों के सत्रांक फर्जी तरीके से भेज दिए जाते हैं। बिना अध्ययन के किस तरह से सत्रांक भेजे जा रहे हैं। इसकी जांच के लिए बोर्ड चैयरमेन को ज्ञापन सौंपा गया है। यदि जल्द ही जांच रिपोर्ट नहीं दी जाती तो कला शिक्षक आंदोलन पर मजबूर हो जाएंगे।