जेकेके में प्रस्तुति देते कलाकार
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जवाहर कला केंद्र में गुरुवार को जीवन से मृत्यु तक के सफर को संगीत से सजाया गया। जेकेके में आयोजित कार्यक्रम जीवन यात्रा- द जर्नी ऑफ लाइफ में संगीत के जरिए जीवन के विभिन्न समय पर होने वाले कार्यक्रमों को जीवंत किया गया।
कार्यक्रम की प्रस्तुति इस लिए भी खास रही कि प्रस्तुति देने वाले लंगा मागणियार थे। लंगा मांगणियारों ने जन्म से निर्वाण तक जीवन के विभिन्न अवसरों पर गाए जाने वाले लोक गीतों की बेहतरीन प्रस्तुति दी। कार्यक्रम के दौरान जन्म के समय गाया जाने वाला गीत लखपत, कान्हा को जगाने वाला गीत चिड़कलियां री चांच, दूल्हे के शृंगार के मौके पर गाया जाने वाला गीत पागड़िया रा पेच, बारात के समय गाया जाने वाला गीत उजली भभूत मस्तक सोहे जैसे गीत प्रस्तुत किए।
कलाकारों की प्रभावशली आवाज के साथ कमाइचा, सारंगी एवं ढोलक के संगीत ने श्रोताओं के दिलों को छू लिया। 90 मिनट की इस प्रस्तुति में संगीतप्रेमियों ने अनन्त खान, गाजी खान, खेता खान एवं कुलदीप कोठारी के गायन का आनंद उठाया। यह कार्यक्रम संयुक्त रूप से जवाहर कला केंद्र और जयपुर विरासत फाउंडेशन द्वारा आयोजित किया गया था।