दिल्ली एनसीआर में ईडी ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा के बेहद करीबियों पर जिस जमीन घोटाले को लेकर छापे मारे, वह घोटाला बीकानेर में हुआ था। इस बहुचर्चित घोटाले में वाड्रा के कथित तौर पर शामिल होने की बात सामने आई थी।
बीकानेर में वाड्रा ने स्काईलाइट कंपनी के जरिए अरबों रुपए की जमीनें बेहद सस्ते दामों में खरीदी थी, जिसके बाद वहीं जमीनें एलाजिनी फिनलेज नामक कंपनी ने वाड्रा की कंपनी से महंगे दामों में खरीदी।
इस कंपनी में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मॉरिन डायरेक्टर के पद पर हैं।
मामले में आरोपी महेश नागर के पास वाड्रा की कंपनी के जरिए जमीन खरीदने और बेचने की पावर दी गई थी और उसी के चलते महेश ने बीकानेर में जमीनें खरीदकर उन्हें बेचने का काम किया।
घोटाले के समय राजस्थान में कांग्रेस की सरकार थी, जिसका राजनीतिक फायदा उठाते हुए वाड्रा ने बीकानेर में जमीनों की खरीद फरोख्त की वहीं यह मामला विधानसभा से लेकर लोकसभा में भी उठा था जहां भाजपा ने कांग्रेस को चौतरफा घेरा था।
भाजपा ने भी अपने घोषणापत्र में इस बहुचर्चित घोटाले को उजागर करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई करने का वादा किया था। भाजपा के केंद्र में आने के बाद से ही वाड्रा की मुश्किलें दिन ब दिन बढ़ती जा रही है। यहां तक की प्रवर्तन निदेशालय ने भी इस घोटाले की जांच करते हुए लगभग सभी जमीनों को सरकार के नाम कर दिया है और मामले की जांच अब भी जारी है।