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1290 गांवों की हजारों एकड़ में फसल तबाह, किसानों की आंखें छलकीं

Wed, 02 Aug 2017 02:45 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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राहत सामग्री ग्रामीणों तक पहुंचाती सेना - फोटो : अमर उजाला
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बाढ़ ने एेसी तबाही मचाई है कि हजारों एकड़ खेत जलमग्न हैं और किसानों की आंखों में भी लगातार पानी छलक रहा है। स्थिति यह है कि कुछेक जगह बाढ़ का पानी उतरने लगा है, लेकिन खेतों की तबाही का मंजर देखने के बाद किसानों की आंखें नहीं सूख रही हैं।
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बाढ़ के हालातों ने राजस्थान के पाली, सिरोही, जालोर और बाड़मेर में 1290 गांवों में खाद्यान्न का संकट उत्पन्न कर दिया है। इस संबंध में राजस्थान सरकार ने बुधवार को अधिसूचना जारी कर दी है। अधिसूचना के अनुसार बाढ़ के कारण 1290 गांव अभावग्रस्त घोषित किए गए हैं।

इन गांवों खेत जलमग्न हैं और फसलें पूरी तरह बर्बाद हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के निर्देश पर संबंधित जिला प्रशासन ने ये खराबा रिपोर्ट तैयार की, जिसे सरकार को भेजा गया। इसके बाद इस रिपोर्ट का अध्ययन कर सरकार ने संबंधित गांवों को अभावग्रस्त घोषित कर दिया है।
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वहीं, बीते दिनों आई बाढ़ के बाद रेस्क्यू आॅपरेशन अभी जारी हैं। राजस्थान में बाढ़ से उपजी मुसीबतें अभी भी जस की तस बनी हुई हैं।

राहत व खाद्य सामग्री लेकर पीड़ितों के पास पहुंचे सांसद भी फंसे

सेना ने सैंकड़ों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान में बारिश का दौर अभी थम गया है। लेकिन जालोर और सिरोही में अभी काफी गांव ऐसे हैं, जहां पानी जमा हुआ है। वहां पहुंचने का एकमात्र साधन नाव है। ऐसे ही एक गांव हाथीगांव में जालोर सांसद देवजी पटेल सेना के जवानों के साथ लोगों को बचाने और राहत व खाद्य सामग्री लेकर पहुंचे।

लेकिन पानी का स्तर अचानक बढ़ने के कारण सांसद व सेना के 25 जवान भी उस गांव में फंस गए। सांसद व जवानों को पानी का स्तर बढ़ने के कारण एक रात उसी गांव में गुजारनी पड़ी।

इधर, बाढ़ प्रभावित पाली, सिरोही व जालोर में अभी सेना व एनडीआरएफ की टीमें रेस्क्यू आॅपरेशन चला रही है। बुधवार को पाली में एनडीआरएफ की टीम ने एक प्रसूता को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।

इन क्षेत्रों में सेना व बचाव कार्यों में लगी टीमें देवदूत बनकर लोगों की मदद कर रहीं है। वहीं सरकार के साथ कई सामाजिक संगठन भी बाढ़ प्रभाावितों की मदद में लगे हुए हैं। साथ ही पानी भरे ईलाकों में हैलीकॉप्टर की मदद से खाने के पैकेट गिराए जा रहे हैं।
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अकेले इस जिले के 621 गांवों में हुईं फसलें तबाह

बाढ़ के हालातों का जायजा लेतीं मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे - फोटो : अमर उजाला
राजस्थान में बाढ़ ने ​पाली जिले में सबसे अधिक तबाही मचाई है। जानकारी के अनुसार इस जिले के 621 गांव में फसल पूरी तरह तबाह हो गई हैं। ​वहीं जालोर के 260 व सिरोही के 348 गांवों में बाढ़ का कहर किसानों की उम्मीदों पर पानी फेर गया।

जबकि पश्चिमी राजस्थान के जिले बाड़मेर में भी 61 गांव अभावग्रस्त घोषित किए गए हैं। गौरतलब है ​कि दो दिन पूर्व राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने बाढ़ प्रभावित जिलों का दौरा किया थे। हालातों को देखकर मुख्यमंत्री ने कहा था कि बाढ़ प्रभावितों के आंसू उनके आंसू हैं और बाढ़ प्रभावितों का दर्द, उनका दर्द है।

बाढ़ के हालातों का जायजा लेने के दौरान मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित कलक्टरों को खराबे की रिपोर्ट दो दिनों के भीतर तैयार करने के विशेष निर्देश जारी किए थे।
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