जयपुर के एक सरकारी अस्पताल में खाली पड़ी डॉक्टर की कुर्सी
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राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश में चली डॉक्टर्स हड़ताल को गंभीर माना है। वहीं याचिकाकर्ता की ओर से प्रार्थना पत्र पेश कर हड़ताल पर गए चिकित्सकों के खिलाफ रेस्मा और आईपीसी के तहत कार्रवाई करने की गुहार की है। अदालत प्रार्थना पत्र पर 27 नवंबर को सुनवाई करेगी।
न्यायाधीश केएस झवेरी और न्यायाधीश वीके व्यास की खंडपीठ ने यह आदेश डॉ. अभिनव शर्मा व अन्य की ओर से दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता की ओर से कहा गया कि हड़ताल पर गए चिकित्सकों के खिलाफ सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। जबकि चिकित्सा मंत्री सार्वजनिक तौर पर यह कह चुके हैं कि हड़ताल के कारण ही प्रदेश में तीस लोगों की मौत हुई है। वहीं हड़ताली डॉक्टर्स ने माना की सरकार की लेटलतीफी के कारण मौतें हुई हैं। ऐसे में हड़ताल पर गए चिकित्सकों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इस पर अदालत ने मामले की सुनवाई 27 नवंबर को तय की है।