फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

अपराधियों की पहुंच विकसित टैक्नोलोजी तक, अब पुलिस भी लगातार अपग्रेड हों

Fri, 02 Jun 2017 06:59 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर 
विज्ञापन
एसपी—कलेक्टर्स कॉफ्रेंस राजस्थान - फोटो : Amar Ujala
विज्ञापन
प्रदेश की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने कहा कि विकसित हाे रही टेक्नाेलाॅजी तक अपराधियों की पहुंच बनने लगी है। अब साइबर क्राइम की वारदातें भी सामने आने लगी है। वहीं, आधुनिक वक्त में अपराध में टैक्नोलोजी अपराधियों का मुख्य हथियार बन रही है। ऐसे वक्त में अपराधों की रोकथाम और अपराधियों तक पहुंचकर उन्हें पकड़ने के लिए पुलिस को भी टैक्नो—फ्रेंडली हाेने की जरुरत है। इसके लिए प्रदेश की पुलिस को अपनी योग्यताआें आैर क्षमताओं काे लगातार अपग्रेड करना जरूरी है। 
विज्ञापन


जयपुर में चल रही चार दिवसीय एसपी—कलेक्टर्स कॉफ्रेंस के तीसरे दिन मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने यह बात बैठक में पुलिस आधुनिकीकरण पर चर्चा करते हुए पुलिस अधीक्षकों और उच्चाधिकारियों से कही। सीएम राजे ने कहा कि कैदियों की वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग, एडवांस फाेरेंसिक सुविधाआें तथा ड्राेन इत्यादि के उपयोग से हमने अपनी क्षमताएं बढ़ाई हैं, ताकि पुलिस सशक्त हो और अपराध व अपराधियों पर काबू पा सके। इससे पहले गृहमंत्री गुलाबचंद कटारिया ने मुख्यमंत्री काे प्रदेश की कानून—व्यवस्था की जानकारी देते हुए कहा कि अपराधाें की तफ्तीश के लिए प्रदेश में फोरेंसिक लैब उन्नत आैर सक्रिय की गई हैं। उन्होंने अपराधाें के अन्वेषण में डीएनए, फिंगर प्रिंट आैर फोरेंसिक साइंस की अन्य सुविधाआें के उपयोग पर जाेर दिया।

वहीं, गृहमंत्री ने कहा कि अभय कमांड सेंटर की मदद से क्राइम सीन पर पहुंचने में पुलिस का रेस्पाेंस टाइम बेहतर हुआ है। जयपुर पुलिस मुख्यालय पर स्थापित अभय कमांड एंड कंट्राेल सेंटर अपराधाें पर लगाम लगाने में प्रभावी साबित हुआ है। कॉफ्रेंस के दौरान पुलिस कमिश्नर जयपुर संजय अग्रवाल ने अपने प्रजेंटेशन में बताया कि शहर में 500 हाईटेक कैमरे लगाए गए हैं। जिनसे संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी रखने और वारदात के बाद आरोपियों को शीघ्र पकड़ने में मदद ली जा रही है।
विज्ञापन
विज्ञापन

 
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें