राजस्थान के पाली जिले में एक पिता द्वारा अपनी बेटी का बाल विवाह एक अफीम तस्कर से तोड़ कर दूसरे से शादी करना भारी पड़ गया। पंचायत को ये मामला इस कदर नागवार गुजरा कि उन्होनें न सिर्फ लड़की के पिता को यातनाएं दी बल्कि उस पर 21 लाख का जुर्माना भी ठोक दिया।
मामला पाली जिले के शिवपुरा थाना क्षेत्र के मालपुरिया गांव का है, जहां पुष्पा नामक लड़की का बाल विवाह सुखाराम नामक शख्स से कराया गया था। शादी के बाद सुखराम अफीम की तस्करी के आरोप में जेल चला गया और उसे 5 साल की सजा हो गई।
अपनी बेटी की जिंदगी तबाह होती देख लड़की के पिता मांगीलाल ने उसकी ये शादी तोड़ते हुए गांव की पंचायत को बिना बताए ही उसकी शादी कहीं और कर दी। जब ये बात पंचायत को पता चली तो पंच पटेलों ने पुष्पा के पिता मांगीलाल के जुते उतरवा दिए और उन्हें नंगे पैर कड़ी धूप में खड़ा रखा। इतना ही नहीं पंचायत ने मांगीलाल पर 21 लाख रुपए का जुर्माना ठोक दिया।
बताया गया है पुष्पा के पिता ने उसके पति सुखाराम को जेल से छुड़वाने के लिए 5 लाख रुपए भी उसके ससुराल वालों को दिए थे मगर वो जेल से बाहर नहीं आ पाया। पुष्पा ने ही अपने पिता से उसकी कहीं और शादी करने को कहा था जिसके बाद मांगीलाल ने 10 महीने पहले ही उसकी शादी कहीं और कर दी।
इस बात का मालूम चलते ही पंचायत ने पूरी बिरादरी के सामने मांगीलाल और उसकी बेटी को जलील करते हुए उसपर दूसरी शादी तोड़कर फिर से अपने पहले पति सुखाराम के साथ ही सारा जीवन बिताने का दबाव बनाया।
पंचायत ने मांगीलाल पर आरोप लगाया है कि उसने पंचायत को बताए कैसे अपनी बेटी की दूसरी शादी कर दी। फिलहाल मांगीलाल और उसकी बेटी पुष्पा पंचायत के इस तुगलकी फरमान से काफी पीड़ा में है और समाज के लोग उन्हें अपराधी की नजर से देख रहे हैं।