परमाणु परीक्षण स्थली के रूप से पहचाने जाने वाले पोकरण की एक और खास बात है। वो है यहां का विशाल पुस्तकालय।
रेगिस्तान की धरा पर शक्ति पीठ भादरिया गांव में देश का ही नहीं बल्कि एशिया का सबसे बड़ा पुस्तकालय होने का दावा किया जा रहा है। इस पुस्तकालय को चलाने वाली भादररिया सेवा समिति का कहना है कि इसके संस्थापक संत हरवंशसिंह महाराज का यह सपना था कि इस विशालकाय पुस्तकालय का शुभारंभ राष्ट्र भक्त के कर कमलों से हो। उनका यह सपना है कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पूरा कर सकते हैं।
दुनिया के सभी धर्मों के ग्रन्थ हो या फिर भारत के तमाम उच्च न्यायालयों के निर्णयों की पुस्तकें, छोटे बडे़ लेखकों के आलेख हो या फिर महापुरूषों की जीवन कथाएं या फिर संविधान की पुस्तकें, यहां मौजूद हैं। दुर्लभ पुस्तकों का संग्रह, भारत के संविधान की मूल प्रति समेत यहां करीब आठ लाख पुस्तकों का संग्रह है।