स्मार्ट इंडिया हैकॉथन 2017 के तहत जयपुर और उदयपुर में करीब 884 इंजीनियरिंग छात्र लगातार 36 घंटे काम करके सरकार की 558 समस्याओं का डिजिटल समाधान तलाशने में जुट गए हैं। इसके लिए छात्रों ने शनिवार सुबह आठ बजे से काम करना शुरू कर दिया। जयपुर में इसकी शुरुआत नोडल सेंटर जेईसीआरसी कॉलेज में हुई। कार्यक्रम का उद्घाटन राष्ट्रीय स्तर पर मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावडेकर और एआईसीटीई के चेयरमैन अनिल सहष्ट्रबुद्धे द्वारा किया गया।
बीती रात 10 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वीडियो कॉन्फ्रेंस द्वारा अपने सम्बोधन में आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस को बढ़ावा देने की बात कही। उन्होंने छात्रों से कहा कि साइबर क्राइम पर नियंत्रण करने के लिए ऐसे नए ऐप्प बनाए जाएं जो सरकार की मदद कर सकें।
देश में होने वाले इस हैकॉथन को सबसे बड़ा बताया जा रहा है, इसलिए गिनीज बुक आॅफ वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में भी दर्ज कराने की कोशिश है। जानकारी के अनुसार केन्द्र सरकार ने स्मार्ट इंडिया हैकॉथन कार्यक्रम के लिए पूरे देश से 1266 टीमों का चयन किया है। इनमें करीब दस हजार छात्र एक अप्रेल को सुबह 8 बजे से अगले दिन रात 8 बजे तक लगातार 36 घंटे काम करके केन्द्र सरकार के 29 विभागों की 558 समस्याओं का समाधान ढूंढेंगे। देशभर में करीब 25 कॉलेजों में इसका नोडल सेंटर बनाया गया है। जहां करीब साढ़े सात हजार स्टूडेंट और ढाई हजार के करीब मेंटर हिस्सा लेंगे। खास बात यह है कि इसके लिए जयपुर में जयपुर इंजीनियरिंग कॉलेज एण्ड रिसर्च सेंटर और उदयपुर में टेक्नो इंडिया एनजेआर इंस्टीट्यूट आॅफ टेक्नोलॉजी को सेंटर बनाया गया है।
उदयपुर सेंटर पर 484 छात्र रेल मंत्रालय और जयपुर सेंटर पर 400 छात्र डिपार्टमेंट ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री एवं मिनिस्ट्री ऑफ कम्यूनिकेशन से संबंधित समस्याओं का डिजिटल समाधान ढूंढेंगे। मानव संसाधन विकास मंत्रालय और अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद के संयुक्त तत्वावधान में होने वाले इस कार्यक्रम में उदयपुर के कॉलेज की 5 और जयपुर के जेईसीआरसी की 3 टीमों का चयन किया गया है।
जेईसीआरसी के निदेशक अर्पित अग्रवाल ने बताया कि कॉलेज में हैकॉथन की तैयारी पिछले छह महीने से चल रही है। कार्यक्रम में सबसे अच्छे आइडिया के लिए एक लाख का पुरस्कार केन्द्र सरकार देगी। साथ ही अन्य दो पुरस्कार 75 हजार और 50 हजार का दिया जाएगा। दो अप्रैल को इसका रिजल्ट घोषित होगा।