विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह के पास भिक्षावृत्ति में लिप्त 45 बच्चों को पुलिस ने बाल कल्याण समिति के सुपुर्द किया। इस दौरान बच्चों को अन्य राज्यों से यहां लाकर भीख मंगवाने की बात भी सामने आई। पुलिस ऐसे लोगों की तलाश में जुट गई है।
दरगाह सीओ ओमप्रकाश मीणा ने बताया कि दरगाह क्षेत्र में बच्चों के भिक्षावृत्ति में लिप्त होने की बात सामने आ रही थी। इस पर बृहस्पतिवार दोपहर बाल कल्याण समिति की मौजूदगी में आॅपरेशन मिलाप के तहत 45 बच्चों को दरगाह के आस-पास के क्षेत्र से दस्तयाब किया। इसके बाद उनसे पूछा गया तो उन्होंने भिक्षा मांगने की बात कबूली। बाल कल्याण समिति की सदस्य नुसरत ने बताया कि कुछ बच्चों के परिजन थाने पहुंच गए, जिन्हें ऐसे कार्य में बच्चों को नहीं लगाने के लिए पाबंद किया गया है।
वहीं, कई ऐसे बच्चे भी मिले हैं जिनके लिए कुछ व्यक्ति अपनी संतान होने का दावा कर रहे हैं लेकिन उनके पास दस्तावेज नहीं है। बच्चों ने भी बताया है कि उनसे जबरदस्ती भिक्षावृत्ति करवाई जाती है, नहीं करने पर उनके साथ मारपीट भी की जाती है। नुसरत ने कहा कि पुलिस से ऐसे लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।