जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय में शिक्षक भर्ती में अनियमितता उजागर होने के बाद लाभार्थी शिक्षकों ने गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान हाईकोर्ट में दायर अग्रिम जमानत याचिकाओं को मंजूर कर लिया है। आज जस्टिस पीके लोहरा की अदालत में करीब तीन दर्जन लाभार्थियों की अग्रिम जमानत याचिकाओं को स्वीकार किया गया है।
दरअसल, मामले में मंगलवार को हाईकोर्ट में सभी याचिकाओं पर सुनवाई पूरी होने के साथ फैसला सुरक्षित रखा गया था। सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता शिवकुमार व्यास ने पैरवी करते हुए कहा कि ये सभी लाभार्थी फर्जी तरीके से नियुक्त हुए हैं। इन्हें नौकरी से हटाया जाना भी आवश्यक है क्योंकि प्रारम्भिक तौर पर सभी के पास पूरी योग्यता नहीं थी।
सरकार का पक्ष सुनने के बाद आज फैसला सुरक्षित रखा गया था। हाईकोर्ट ने कुछ शर्तों के साथ सभी याचिकाकर्ताओं को राहत देते हुए अग्रिम जमानत याचिकाएं मंजूर कर ली है।