राजस्थान हाईकोर्ट ने झीलों की नगरी में बढ़ती गंदगी को लेकर नाराजगी जाहिर करते हुए स्थानीय प्रशासन को अगली सुनवाई पर प्रोग्रेस रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है।
जस्टिस गोविन्द माथुर और जस्टिस विनीत माथुर की खंडपीठ में स्वप्रेरणा से प्रसंज्ञान लेकर दायर की गई जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए ये आदेश दिए। न्यायमित्र संजीत पुरोहित ने पक्ष रखते हुए बताया कि उदयपुर में रंग सागर व कुम्हेरिया सागर के आसपास और फतेह सागर झील के पास कचरे का अम्बार लगा। हकीकत ये है कि झीलों के किनारे प्लास्टिक की थैलियां भी पड़ी है। इस पर सरकार की ओर से एएजी राजेश पंवार ने बताया कि स्थानीय प्रशासन द्वारा सफाई व्यवस्था को दुरूस्त किया जा रहा है।
हाईकोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए मौखिक रूप से कहा कि स्वच्छ भारत अभियान केवल वहां आने वाले पर्यटकों के लिए नहीं बल्कि सभी के लिए है।हाईकोर्ट ने कहा कि केवल दिखावा किया जा रहा है वास्तविक रूप से कार्य करें व स्वच्छ भारत अभियान की कल्पना को साकार करें। हाईकोर्ट ने आठ अगस्त को मामले में प्रगति रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए हैं।