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चार राज्यों के 1500 गांवों ने बरसों पुरानी परंपरा तोड़ी, अब ऐसी होंगी शादियां

Wed, 14 Feb 2018 03:51 PM IST
अमर उजाला टीम डिजिटल/जयपुर
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देश के चार राज्यों के 1500 गांवों ने बरसों से चली आ रही परंपराओं को सिरे से नकार दिया है। इन राज्यों के करीब 5000 प्रतिनिधियों ने राजस्थान में एक ऐतिहासिक निर्णय लिया, जो सामाजिक बुराइयों पर जीत बताया जा रहा है।

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दरअसल, राजस्थान स्थित बाड़मेर के आसोतरा में राजपुरोहित समाज का तीर्थ स्थल ब्रह्मधाम आसोतरा है। यहां समाज का दो दिवसीय महाअधिवेशन का आयोजन किया गया। इसमें राजस्थान सहित महाराष्ट्र, गुजरात और मध्यप्रदेश के 1500 गांवों के करीब पांच हजार राजपुरोहित प्रतिनिधि शामिल हुए। दो दिवसीय महाअधिवेशन में समाज को बुराईयों से मुक्त करने के लिए गंभीर मंथन और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए।

इसमें सबसे महत्वपूर्ण निर्णय दहेज, मृत्युभोज और नशे की कुप्रथा बंद करना शामिल रहा। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि अब यदि कोई भी व्यक्ति दहेज लेता है या देता है, नशा और मृत्युभोज करेगा तो उसका समाज बहिष्कार कर देगा।

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महाअधिवेशन में ये हुए निर्णय

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समाज के किसी भी कार्यक्रम या समारोह में अफीम और डोडा पोस्त का सेवन पूर्णतया प्रतिबंधित रहेगा। मृत्युभोज पर भी पाबंदी रहेगी। मौत होने के 12वें दिन केवल सादा भोजन ही बनाया जाएगा। सगाई में ग्यारह रुपए और नारियल ही दिया जाएगा। ये अधिकतम 1100 रुपए हो सकता है।

महाअधिवेशन में समाज की ओर से बारात में जाने वाले बारातियों की संख्या भी अधिकतम 200 निर्धारित कर दी गई। साथ ही, किसी प्रकार की कोई भेंट या दहेज शादी-समारोह में नहीं दिया जाएगा। इन सभी निर्णय के बाद समाज में कुरीतियों का अंत होगा और फिजूलखर्ची भी रुकेगी।

राजपुरोहित समाज के वेदांताचार्य डॉ.ध्यानाराम महाराज के अनुसार यहां जो भी निर्णय होते हैं उन्हें समाज के लोग मानते हैं।
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