पश्चिम बंगाल सरकार 2021 विधानसभा चुनाव में पूर्व सीएम ममता बनर्जी को पैर में लगी चोट की फिर से जांच कराएगी। शुभेंदु अधिकारी ने मेडिकल रिपोर्ट का हवाला देते हुए चोट के दावों को पूरी तरह नाटक बताया है।
पश्चिम बंगाल सरकार 2021 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के पैर में चोट लगने के झूठे दावों की फिर से जांच शुरू करेगी। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने शनिवार को इसका एलान किया। राज्य सचिवालय 'नबन्ना' में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए अधिकारी ने दावा किया कि बनर्जी ने चुनाव के दौरान अपनी चोट का नाटक किया था। सीएम ने बांगुर इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोसाइंस द्वारा जारी एक मेडिकल रिपोर्ट दिखाते हुए कहा कि ममता बनर्जी ने 2021 में नंदीग्राम में चुनाव प्रचार के दौरान पैर में चोट लगने का नाटक किया था। हमारे पास मेडिकल रिपोर्ट है जिसमें कहा गया है कि फ्रैक्चर या हड्डी खिसकने (डिसलोकेशन) का कोई सबूत नहीं था। हम इस मामले की जांच शुरू करेंगे।
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#WATCH | Speaking on former CM Mamata Banerjee's injury during the Nandigaram election campaign in 2021, West Bengal CM Suvendu Adhikari says, "In March 2021, Bangur Institute of Neurosciences shared a report stating that 'there was no evidence of dislocation'. The CID is… pic.twitter.com/HIAtPqUoaA
अधिकारी ने क्या कहा?
सीएम ने कहा कि उनके झूठे आरोपों ने नंदीग्राम के लोगों का अपमान किया। नौ अक्तूबर को आदर्श आचार संहिता हटने के बाद मैं और जानकारी सामने लाउंगा। बता दें कि नंदीग्राम में छह अक्तूबर को उपचुनाव होगा और नतीजे नौ अक्तूबर को घोषित किए जाएंगे। अधिकारी ने नंदीग्राम-दो डेवलपमेंट ब्लॉक के बिरुलिया बाजार में एक रैली को संबोधित किया। यह वही जगह है जहां पांच साल पहले बनर्जी को चोट लगी थी। बनर्जी (जो उस समय मुख्यमंत्री थीं) को 10 मार्च, 2021 को चुनाव प्रचार के दौरान नंदीग्राम के बिरुलिया इलाके के रेयापारा में बाएं पैर और कमर में चोट लगी थी।
ममता बनर्जी ने क्या दावा किया?
बनर्जी ने शुरू में कहा था कि कुछ अज्ञात लोगों ने जानबूझकर उन्हें उनकी खुली कार के दरवाजे की तरफ धकेल दिया, जिससे दरवाजा जोर से उनके बाएं पैर से टकराया और भारी भीड़ के बीच उनका पैर कुचल गया। बाद में अस्पताल से जारी एक वीडियो संदेश में उन्होंने बताया कि जब वह समर्थकों का अभिवादन कर रही थीं उसी समय भारी भीड़ उनकी कार की ओर दबाव बनाने लगी, जिससे उनका पैर कुचल गया और वह घायल हो गईं। जांच में पता चला कि उनके बाएं टखने और पैर की हड्डी और लिगामेंट में गंभीर चोटें आई थीं, साथ ही उनके दाहिने कंधे, बांह, गर्दन और कमर में भी चोट और दर्द था। इसके बाद उन्हें तुरंत कोलकाता वापस लाया गया और सरकारी एसएसकेएम अस्पताल में भर्ती कराया गया।
कई तरह की जांच के बाद, 12 मार्च को उन्हें अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी। उनके बाएं पैर पर प्लास्टर लगा हुआ था और उन्होंने व्हीलचेयर पर बैठकर ही अपना आगे का चुनाव प्रचार जारी रखा। तृणमूल कांग्रेस ने उन चुनावों में शानदार जीत हासिल की थी; पार्टी ने 294 में से 216 सीटें जीतीं और BJP को 77 सीटों पर ही रोक दिया।