इस साल विश्व शरणार्थी दिवस का थीम 'टूगैदर वी हील, लर्न एंड शाइन' (साथ में स्वस्थ रहना, सीखना और चमकना) है। संयुक्त राष्ट्र ने कहा कि कोरोना महामारी ने हमें सिखा दिया है कि साथ रहकर ही हम कोई भी लड़ाई जीत सकते हैं। यूएनएचआरसी के आंकड़ों के मुताबिक, दुनिया में हर मिनट औसतन 20 लोग हिंसा, युद्ध, आतंकवाद और प्राकृतिक आपदाओं और अन्य कारणों से घर-बार छोड़कर भागने को मजबूर हो जाते हैं।
देश में कम नहीं शरणार्थी की समस्याएं
यूएनएचआरसी की एक रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में कुल तीन लाख शरणार्थी रहते हैं। इनमें सबसे ज्यादा चर्चा में रोहिंग्या मुसलमान हैं। बता दें कि देश में करीब 40,000 रोहिंग्या हैं, जिनमें से 14,000 को ही शरणार्थी का दर्जा प्राप्त है और बाकी लोगों को सरकार अवैध घुसपैठिया मानती है।