केंद्र ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को सिंगल यूज प्लास्टिक यानी एक बार इस्तेमाल होने वाले प्लास्टिक के इस्तेमाल को बंद करने के लिए कहा है। केंद्र ने इसे चरणबद्ध तरीके से बंद करने और स्वच्छ-हरित उद्देश्य के साथ पर्यावरण को बेहतर बनाने में योगदान देने के लिए कहा है। विश्व पर्यावरण दिवस से एक दिन पहले जारी बयान में केंद्रीय आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय ने कहा कि राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों को देश को एकल उपयोग प्लास्टिक (एसयूपी) से निजात दिलाने के लिए अलग-अलग गतिविधियां करने को कहा गया है।
आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय के स्वच्छ भारत मिशन-शहरी 2.0 के तहत प्लास्टिक-अपशिष्ट प्रबंधन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। इसमें एसयूपी का उन्मूलन शामिल है। बयान में कहा गया कि विश्व पर्यावरण दिवस और 30 जून तक एसयूपी पर भारत के प्रतिबद्ध प्रतिबंध को देखते हुए मंत्रालय ने राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को इन प्रतिबद्धताओं को पूरा करने के लिए विभिन्न गतिविधियां शुरू करने के लिए विस्तृत परामर्श जारी किया गया है।
फिलहाल हालात कुछ ऐसे हैं
सरकार का कहना है कि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण मंत्रालय के निर्देशों के मुताबिक 4,704 में से 2,591 शहरी स्थानीय निकायों में सिंगल-यूज प्लास्टिक को प्रतिबंधित कर दिया गया है। अब राज्य और केंद्र शासित प्रदेश यह सुनिश्चित करें कि बाकी बचे 2,113 निकाय भी 30 जून तक इसे प्रतिबंधित कर दें।
इन गतिविधियों को करना होगा शामिल
राज्यों तथा केंद्रशासित प्रदेशों को जिन गतिविधियों में हिस्सा लेने को कहा गया है, उनमें प्लास्टिक कचरा संग्रह पर विशेष जोर देने के साथ बड़े पैमाने पर सफाई और प्लॉगिंग अभियान शामिल होंगे। इसके साथ ही सभी नागरिकों, छात्रों, स्वैच्छिक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, स्थानीय गैर सरकारी संगठनों, सीएसओ, एनएसएस-एनसीसी कैडेट, आरडब्ल्यूए, बाजार संघ और अन्य लोगों के बीच कॉर्पोरेट संस्थाओं की भागीदारी के साथ बड़े पैमाने पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा।
इन प्लास्टिक पर लगाया गया प्रतिबंध
प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम-2021 के मुताबिक, 75 माइक्रॉन यानि 0.075 मिमी मोटाई से कम के प्लास्टिक से बने कैरी बैग के निर्माण, आयात, भंडारण, वितरण, बिक्री और उपयोग पर 30 सितंबर 2021 से प्रतिबंध लगा दिया गया है। मंत्रालय ने कहा कि पीडब्लूएम नियम, 2016 के तहत पहले अनुशंसित 50 माइक्रोन था।