एक महीने पहले उस वक्त रजनी की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। जब उन्होंने अपनी बच्ची को जन्म दिया। उनके मुंह से जो पहला शब्द निकल वो था- 'बड़ी होकर डॉक्टर बनेगी'। रजनी की तरह ही हर माता-पिता अपनी बच्ची के सुनहरे भविष्य के लिए फिक्रमंद रहते हैं। अगले महीने 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस है। इस मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं बेटियों के लिए खास स्कीम के बारे में। कोई मां-बाप इस सरकारी योजना में निवेश करके अपने बेटी के उज्ज्वल भविष्य की योजना तैयार कर सकते हैं। इस योजना का नाम सुकन्या समृद्धि योजना (SSY) है।
कम से कम 250 रुपए से खोला जा सकता है SSY खाता
सुकन्या समृद्धि योजना (Sukanya Samriddhi Yojana) में निवेश के लिए बेटी के माता-पिता या कानूनी अभिभावक होना जरूरी है। बेटी के पैदा होने से 10 साल तक की उम्र तक सुकन्या समृद्धि खाता खोला जा सकता है। एक बच्ची के नाम पर एक ही खाता खोलने की अनुमति है। पोस्ट ऑफिस या किसी बैंक शाखा में सुकन्या समृद्धि खाता (Sukanya Samriddhi Account) खोला जा सकता है। एक वित्त वर्ष में कम से कम 250 रुपए और ज्यादा से ज्यादा डेढ़ लाख रुपए जमा किए जा सकते हैं। यह रकम आप एक बार में या टुकड़ों में जमा कर सकते हैं।
बेटी की पढ़ाई के लिए बीच में पैसे निकालने की सुविधा
सुकन्या समृद्धि खाता खुलने की तारीख से अधिकतम 15 साल तक निवेश किया जा सकता है। यानी अगर अपनी 9 साल की बेटी के नाम पर खाता खुलवाते हैं तो उसकी 24 साल की आयु तक निवेश कर सकते हैं। अकाउंट खुलने की तारीख से 21 साल की अवधि पूरा करने पर खाता मैच्योर होता है। बेटी की पढ़ाई के खर्च के लिए खाते से पैसे निकालने की अनुमति मिलती है। बेटी के 18 साल के होने या 10वीं पास करने के बाद सुकन्या समृद्धि खाते में जमा रकम से 50 फीसदी पैसा निकाला जा सकता है। बेटी की आयु 18 साल हो जाने के बाद उसकी शादी हो जाने पर खाते को समय से पूर्व बंद किया जा सकता है।
15 साल बाद बेटी की पढ़ाई के लिए जुड़ सकता है कितना पैसा?
मान लीजिए, अभी रजनी अपनी बेटी के नाम पर सुकन्या समृद्धि खाता खुलवाती हैं और हर साल डेढ़ लाख यानी 12,500 रुपए महीना 15 साल तक जमा करती हैं। जिस पर उन्हें खाते के मैच्योर होने यानी 21 साल के टेन्योर के दौरान औसतन 8।2 फीसदी की दर से ब्याज मिलता है। इस लिहाज से 21 साल बाद उनके पास बेटी की हायर एजुकेशन के लिए करीब 70 लाख रुपए (69,80,093 रुपए) होंगे। इसमें 15 साल में उनकी जमा 22।5 लाख रुपए की होगी। समय-समय पर ब्याज दर में संशोधन की वजह से रकम घट-बढ़ सकती है। इस योजना में खाता मैच्योर होने पर मिलने वाली रकम और ब्याज भी पूरी तरह से टैक्स-फ्री है। मैच्योरिटी पर बेटी के हाथ में आने वाले पैसे पर भी कोई टैक्स नहीं देना होगा।