मीडिया से बात करते हुए संदेशखाली की महिलाओं ने सीएम ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सीएम ने एक बार भी हमारे बारे में कोई पूछताछ नहीं की। वह हमसे मिलने तक नहीं आईं।
पश्चिम बंगाल में संदेशखाली हिंसा को लेकर सियासी माहौल गरमाया हुआ है। सत्तापक्ष और विपक्ष एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं। इसी बीच संदेशखाली की महिलाएं भी अब सामने आकर सत्तारूढ़ पार्टी और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर निशाना साध रही हैं।
विज्ञापन
महिलाओं का सीएम ममता बनर्जी पर आरोप
मीडिया से बात करते हुए संदेशखाली की महिलाओं सीएम ममता बनर्जी पर आरोप लगाया है। उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी के बारे में क्या ही बोलें। उन्होंने हमारे बारे में कोई पूछताछ भी नहीं की। वह हमसे मिलने तक नहीं आईं। वह खुद भी एक महिला है और हम भी महिलाएं हैं। अगर ऐसी स्थिति में भी वह हमसे मिलने नहीं आती हैं तो समझ जाइए हमारी स्थिति क्या है।'
एक अन्य महिला ने कहा, 'यहां रहना अब बहुत मुश्किल हो गया है। उत्तम सरदार और शिबू हाजरा को गिरफ्तार कर लिया गया है, लेकिन उन्हें अभी तक सजा नहीं दी गई है। हम सम्मान के साथ जीना चाहते हैं। एक महिला मुख्यमंत्री होने के नाते वह हमारी परेशानियों को समझ नहीं पा रही है। हमने सोचा था कि वह हमसे बात करने आएंगी, हमारी ओर से बोलेंगी लेकिन वह उन लोगों की ओर से बोल रही हैं जिन्होंने हम पर हमला किया।'
विज्ञापन
क्या है विवाद
पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले में स्थित गांव संदेशखाली इन दिनों भारी विरोध प्रदर्शन का गवाह बन रहा है। दरअसल गांव की महिलाओं ने बीते दिनों आरोप लगाए थे कि टीएमसी नेता शाहजहां शेख और अन्य टीएमसी नेताओं ने उनकी जमीनों पर कब्जा कर लिया और कुछ महिलाओं ने टीएमसी नेताओं पर यौन शोषण के भी आरोप लगाए थे। इसे लेकर संदेशखाली में महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया। भाजपा कार्यकर्ता भी संदेशखाली में प्रदर्शन कर रहे हैं। शाहजहां शेख राशन घोटाले में आरोपी है और बीते दिनों ईडी टीम पर हुए हमले में भी शाहजहां शेख आरोपी है। वहीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर इस मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप लगाया है।