केरल सरकार ने सोमवार को भूमाता ब्रिगेड की प्रमुख तृप्ति देसाई के भगवान अयप्पा मंदिर में प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया। सरकार ने प्रतिबंध की घोषणा की है जबकि महिला कार्यकर्ता तृप्ति देसाई अगले महीने तकरीबन 100 अन्य महिलाओं के साथ सबरीमाला मंदिर में प्रवेश की योजना बना रही है।
सबरीमाला के भगवान अयप्पा मंदिर में 10 से 50 वर्ष की महिलाओं का प्रवेश निषेध है। मंदिर प्रशासन के प्रवक्ता कडकमपल्ली सुरेंद्रम ने यहां पत्रकारों से बातचीत में कहा कि, ‘सबरीमाला मंदिर का प्रशासन त्रावणकोर देवासोम बोर्ड के हाथों में है और सभी को इसके बनाये नियमों को मानना पड़ेगा।’
महिलाओं के मंदिर में प्रवेश निषेध का मुद्दा पहले से ही सुप्रीम कोर्ट के समक्ष है। और जब तक सुप्रीम कोर्ट का इस मामले में कोई निर्णय नही आ जाता तब तक परंपराओं और रीति रिवाजों में कोई परिवर्तन नहीं होगा।
तृप्ति देसाई ने अगले महीने करीब 100 महिलाओं के साथ मंदिर में प्रवेश का ऐलान किया था और अभी उन्होंने अपने इस फैसले में कोई परिवर्तन नही किया है। इसके पहले भी तृप्ति देसाई हाजी अली दरगाह, शनिशिगनापुर और त्रयंबकेश्वर मंदिर में महिलाओं के प्रवेश के हक में अभियान चला चुकी हैं।