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Woman Power of India: अभिमान बढ़ाती, शान बढ़ाती बेटियों की कहानी; इन दो तस्वीरों से जानिए

Tue, 04 Nov 2025 08:02 PM IST
पवन पांडेय न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

The Story Of Daughters Who Inspire: म्हारी छोरियां छोरो से कम है के... दंगल फिल्म के इस वाक्य को देश की बेटियों ने कई मौकों पर चरितार्थ किया है। चाहे वो जंग का वक्त हो, जब पड़ोसी देश के खिलाफ शुरू हुए ऑपरेशन सिंदूर में दुश्मन को पछाड़ना हो या 22 गज के पिच पर अप्रतिम प्रतिभा का प्रदर्शन करते हुए विश्व चैंपियन का खिताब हासिल करना हो... पढ़ें, देश का मान और शान बढ़ाती बेटियों की कहानी...
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देश का अभिमान और शान बढ़ाती बेटियों की कहानी - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
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विस्तार
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हमारे देश का इतिहास जितना गौरवशाली और ऐतिहासिक है, इसका मान-सम्मान बनाए रखने वालों की कहानी भी उतनी ही प्रशंसनीय है। देश की बेटियों का योगदान किसी से भी कम नहीं रहा है। भूतकाल और वर्तमान में भी देश की बेटियां हर कदम और हर क्षेत्र में अपने प्रतिभा से देशवासियों को गौरवान्वित कर रही हैं। 2025 खत्म होने की ओर बढ़ चुका है और यह साल भी कुछ ऐसी कहानियों को समेटे हुए है, जो दशकों तक आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करेंगी।
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कर्नल सोफिया कुरैशी और विंग कमांडर व्योमिका सिंह - फोटो : PTI

ऑपरेशन सिंदूर - सोफिया कुरैशी और व्योमिका सिंह

ऑपरेशन सिंदूर का नाम सुनते ही, आंखों में सेना का शौर्य और जवानों के बहादुरी की तस्वीरें एकाएक सामने आ जाती है। ऑपरेशन सिंदूर की शुरुआत तब हुई, जब 22 अप्रैल को पाकिस्तान से घुसे कुछ आतंकियों ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में छुट्टियां मना रहे भारतीय नागरिकों और पर्यटकों पर हमला बोला और 26 लोगों की निर्मम हत्या कर दी। इस बर्बर आतंकी हमले के बाद भारतीय सेना को हर तरीके से कार्रवाई करने की छूट मिली। 15 दिन बाद 7 मई को सेना ने ऑपरेशन सिंदूर शुरू किया और पाकिस्तान और पीओके में छिपे आतंकियों और उनके अड्डों को नेस्तानाबूद किया।

एक तरफ सीमा पर देश के जवान दुश्मनों के सभी मंसूबों को नाकाम कर मुंहतोड़ जवाब दे रहे थे, दूसरी तरफ देश की बेटियों ने अंदर मोर्चा संभाला। देशवासियों को पाकिस्तान की करतूतों और भारतीय सेना के शौर्य से अवगत कराया। भारतीय सेना में कर्नल सोफिया कुरैशी और भारतीय वायु सेना में विंग कमांडर व्योमिका सिंह ने न सिर्फ आतंक को पालने वाले पाकिस्तान की नापाक हरकतों से देश को रूबरू कराया, बल्कि उन्होंने ये भी देशवासियों को बताया कि पाकिस्तान झूठी और भ्रामक खबरों के जरिए हमारे मनोबल को तोड़ने की नाकाम कोशिश कर रहा है। 

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2025 के मध्य यानी मई महीने में जहां ऑपरेशन सिंदूर में देश ने बोटियों की अप्रतिम क्षमता देखी। अब दूसरा मौका था साल के अंत का, जब क्रिकेट के मैदान पर करीब डेढ़ महीने तक चले बेटियों के कठिन यज्ञ की बारी थी। 

विश्व चैंपियन बनी भारतीय महिला क्रिकेट टीम - फोटो : ANI

महिला क्रिकेट विश्व कप - भारत की बेटियां विश्व चैंपियन

भारत में 30 सितंबर को महिला क्रिकेट विश्व कप की शुरुआत हुई। देश की बेटियों ने जिस तरह की मेहनत क्रिकेट के मैदान पर की, उसे किसी यज्ञ से कम नहीं कहा जा सकता क्योंकि दुनिया के सामने 140 करोड़ लोगों का प्रतिनिधित्व करना और कभी जीत तो कभी हार का सामना करने के बाद फिर से तैयार होना आसान बिल्कुल नहीं है। महिला क्रिकेट टीम ने खूब मेहनत की और उसका फल मैदान व मुकाबलों में देखने को भी मिला, लेकिन फिर लगातार तीन मैच की हार ने देशवासियों को हतोत्साहित कर दिया, लेकिन जिनका हौसला बुलंद वो थीं देश की बेटियां, जो एक बार फिर विजय अभियान पर निकलीं...।

तीन हार के बाद भारत की बेटियों का सामना न्यूजीलैंड की मजबूत टीम से हुआ। यह मैच करो या मरो की स्थिति वाला था, जिसमें बेटियों ने हर क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन किया। भारत के लिए प्रतिका रावल और स्मृति मंधाना ने शतकीय पारी खेली तो मध्यक्रम में जेमिमा रॉड्रिग्स ने शानदार 76 रन बनाए। गेंदबाजी में भी बेटियों ने न्यूजीलैंड के खिलाड़ियों पर पूरा दबदबा बनाए रखा। बारिश से बाधित इस मैच को भारत ने 53 रनों से जीता और सेमीफाइनल का टिकट पक्का किया। 

सेमीफाइनल में भारत का मुकाबला सात बार की विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलियाई टीम से था। इस मुकाबले के हर तरह से शानदार होने की उम्मीद भी थी और ऐसा हुआ भी। ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी करते हुए देश की बेटियों के सामने पहाड़ जैसा 338 रनों का लक्ष्य खड़ा किया। भारत की बेटियों ने भी खूब दमखम दिखाया। सांस रोक देने वाले मुकाबले में जेमिमा रॉड्रिग्स (127) और कप्तान हरमनप्रीत कौर (89) ने मोर्चा संभाला और भारत को जीत के मुहाने पर पहुंचाया। आखिरी में दीप्ति शर्मा, ऋचा घोष और अमनजोत कौर की साहसिक पारियों की बदौलत भारत ने 338 रनों का विशाल लक्ष्य 48.3 ओवर यानी नौ गेंद शेष रहते हासिल किया और खिताब की ओर एक और कदम बढ़ाया।

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विश्व चैंपियन बनी भारतीय महिला क्रिकेट टीम - फोटो : ANI
महिला क्रिकेट टीम का खिताबी मुकाबला
भारतीय महिला क्रिकेट टीम 2017 के बाद फिर फाइनल मुकाबले में पहुंची थी और सामने दक्षिण अफ्रीकी टीम थी, जिन्होंने इंग्लैंड की टीम को हराकर पहली बार फाइनल तक का सफर किया। भारतीय महिला क्रिकेट टीम के फाइनल तक के सफर को लेकर सभी के दिल से एक ही दुआ निकल रही थी कि देश की बेटियां पहली बार विश्व चैंपियन जरूर बने। फिर खिताबी मुकाबले की शुरुआत हुई। भारतीय टीम टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी। सलामी बल्लेबाज स्मृति मंधाना और शेफाली वर्मा ने सधी शुरुआत के साथ आक्रामक रुख अपनाया। स्मृति भले अर्धशतक से चूक गईं, लेकिन शेफाली ने अर्धशतक के बाद भी अपना आक्रामक रुख बरकारार रखा, उनकी पारी 87 रनों पर खत्म हुई। अब जिम्मेदारी मध्यक्रम पर थी, जहां टीम थोड़ी जरूर लड़खड़ाई, लेकिन दीप्ति शर्मा ने माहौल को भांपते हुए बल्लेबाजी की और छोटी-छोटी साझेदारी कर टीम को 298 रन तक पहुंचाया। इसमें रिचा घोष का ताबड़तोड़ 34 रनों का योगदान शामिल है। फिर गेंदबाजी में शेफाली वर्मा और दीप्ति शर्मा के हरफनमौला प्रदर्शन के सामने दक्षिण अफ्रीकी टीम पूरी तरह पस्त दिखी, हालांकि विपक्षी कप्तान ने जरूर शतकीय पारी खेली, लेकिन वो नाकाफी साबित हुआ। और इस तरह से महिला क्रिकेट के 52 वर्षों के इतिहास में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने पहली बार विश्व चैंपियन बनने का तमगा हासिल किया।
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राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू - राफेल विमान में ऐतिहासिक उड़ान

देश की बेटियों ने जहां इस साल देश का नाम रोशन किया, वहीं देश की प्रथम नागरिक और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने लड़ाकू विमान राफेल में ऐतिहासिक उड़ान भरी। यह उड़ान लगभग 30 मिनट तक चली और लगभग 200 किलोमीटर की दूरी तय करने के बाद अंबाला वायुसेना स्टेशन पर वापस लौटी। राष्ट्रपति कार्यालय की तरफ से जारी एक बयान में कहा गया है कि विमान को 17 स्क्वाड्रन के कमांडिंग ऑफिसर ग्रुप कैप्टन अमित गेहानी उड़ा रहे थे। इस लड़ाकू विमान ने समुद्र तल से लगभग 15,000 फीट की ऊंचाई पर और लगभग 700 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उड़ान भरी।

पाकिस्तान के झूठ का पर्दाफाश
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राफेल उड़ाने से पहले हरियाणा के अंबाला एयर फोर्स बेस पर स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह के साथ तस्वीर खिंचवाई। बता दें कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान ने झूठा दावा किया था कि उसने भारतीय वायुसेना के एक पायलट (शिवांगी सिंह) को पकड़ लिया है। लेकिन राष्ट्रपति मुर्मू के साथ शिवांगी सिंह की इस तस्वीर ने पाकिस्तान के हर तरह के दावे को पूरी तरह झुठला दिया है। राष्ट्रपति के साथ इस तस्वीर में स्क्वाड्रन लीडर शिवांगी सिंह मुस्कुराती हुई दिख रही हैं।
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