महिला के पिता ने दावा किया था कि उनकी बेटी को एम्बुलेंस के अभाव में एक ऑटोरिक्शा में विदुल पीएचसी लाया गया था, लेकिन जब वे पहुंचे तो कोई चिकित्सा कर्मी नहीं मिला।
महाराष्ट्र के यवतमाल में मामले में एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के बरामदे में बच्चे को जन्म देने वाली महिला के मामले में सोमवार को दो चिकित्सा अधिकारियों और एक सहायक नर्स दाई (एएनएम) को बर्खास्त कर दिया गया। जबकि एक फार्मेसी अधिकारी, दो स्वास्थ्य सहायक और एक महिला स्वास्थ्य विजिटर को निलंबित कर दिया गया। यह घटना 19 अगस्त को जिले के उमरखेड़ तालुका के विदुल पीएचसी में हुई थी और इसके तुरंत बाद बच्चे की मौत हो गई थी। महिला के पिता ने स्वास्थ्य अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाया था।
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महिला के पिता ने दावा किया था कि उनकी बेटी को एम्बुलेंस के अभाव में एक ऑटोरिक्शा में विदुल पीएचसी लाया गया था, लेकिन जब वे पहुंचे तो कोई चिकित्सा कर्मी नहीं मिला, जिससे महिला को बरामदे में ही बच्चे को जन्म देने के लिए मजबूर होना पड़ा। एक अधिकारी ने कहा कि विदुल पीएचसी से जुड़े चिकित्सा कर्मियों की बर्खास्तगी और निलंबन जिला स्वास्थ्य अधिकारी प्रह्लाद चव्हाण द्वारा जांच के बाद आया है, जिन्होंने 20 अगस्त को इस केंद्र का दौरा किया था।
चव्हाण ने कहा कि यवतमाल जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने यह कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि बर्खास्त किए गए दो चिकित्सा अधिकारियों में से एक बांड पर है और दूसरा अनुबंध पर है, जबकि तालुका के स्वास्थ्य अधिकारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है।