पुराने 500 और 1000 नोटों को बदलने के लिए सुप्रीम कोर्ट में खिड़की के विस्तार की मांग को लेकर कतार बढ़ने लगी है। मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दायर की गई। फरीदाबाद के एक जोड़े ने सर्वोच्च न्यायालय से 83,000 रुपए के 500 और 1000 के पुराने नोट जमा करने की विशेष अनुमति मांगी है।
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इस जोड़े का कहना है कि ये रुपए उनके मृत पिता की लॉकर से मिले हैं जिस वजह से वो इसे 30 दिसंबर 2016 की समयसीमा से पहले जमा नहीं करवा पाए।
बहन के साथ कानूनी विवाद में फंसी सविता ने कहा कि अदालत के आदेश के बाद 6 मार्च से ही लॉकर को खोला जा सकता है। निधि गुप्ता के बाद सविता ने पिता की संपत्ति में अपना हिस्सा छोड़ दिया था।
सुप्रीम कोर्ट ने मंगलवार को कहा कि अगर नोटों के आदान-प्रदान के लिए खिड़की के विस्तार के लिए राहत देने का फैसला किया जाता है तो ये सामान्य जनता के लिए होगा, न कि व्यक्तिगत मामलों के लिए।
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मुख्य न्यायाधीश जे एस खेहर, न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ और एस के कौल की पीठ ने कहा कि अगर नोट जमा करने के लिए खिड़की का विस्तार होगा तो आप सभी याचिकाकर्ताओं पर विचार किया जाएगा।