भारतीय रेलवे ने बुलेट ट्रेन प्रोजेक्ट की शुरुआत की है, जिसके तहत अब ट्रेनों में महिलाओं और पुरुषों के लिए अलग- अलग वॉशरूम के साथ वेस्टर्न टॉयलेट सिस्टम होंगे। रेलवे ने मोदी सरकार की पहली बुलेट ट्रेन परियोजना के लिए 5,000 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत पर जापान से आयात के लिए 25 ई-5 शीन्कसेन सीरीज वाली बुलेट ट्रेन तैयार की जा रही है।
गौरतलब है कि जब हम बुलेट ट्रेन की बात करते हैं तो उससे पहले हमें वर्तमान ट्रेनों की हालात पर भी नजर रखने की जरुरत है क्योंकि हाल ही के दिनों में भारतीय रेल को तमाम समस्याओं से गुजरना पड़ा है। जैसे- रेल ट्रैकों का ठीक नहीं होना, पटरियों की हालत, सिग्नलिंग सिस्टम और अनेक समस्याएं हैं जिसे देखकर बुलेट ट्रेन पर भी सवाल उठाया जा रहा है।
इसी मुद्दे पर अमर उजाला डॉटकॉम ने पोल कराया और पाठकों से सवाल पूछा कि क्या आपको लगता है कि भारतीय रेलवे की मौजूदा प्रणाली और काम करने के तरीके के बीच बुलेट ट्रेन सफल साबित होगी?' इस सवाल के जवाब में पाठकों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया।
कुल 14,276 पाठकों ने पोल में हिस्सा लिया। पोल में सबसे अधिक 45.54 फीसदी यानि 6,502 पाठकों का मानना है कि भारतीय रेलवे की मौजूदा प्रणाली और काम करने के तरीके के बीच बुलेट ट्रेन सफल साबित होगी। जबकि 48.85 फीसदी यानि 6,974 पाठकों ने माना कि भारतीय रेलवे की मौजूदा प्रणाली और काम करने के तरीके के बीच बुलेट ट्रेन सफल साबित नहीं होगी। वहीं, 5.6 फीसदी यानि 800 पाठकों ने कह नहीं सकते विकल्प को चुना।