केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री स्मृति ईरानी
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बात 2014 के आम चुनावों की है और मैं स्मृति इरानी की एसयूवी में पीछे बैठकर एक चुनावी सभा में पहुंचने वाला था। उन्होंने एकाएक पीछे मुड़कर कहा, "अभी देखते जाओ। यहां चुनाव कैंपेन का इतिहास बदल देंगे।" इसके दो हफ्ते बाद गौरीगंज, अमेठी में एक चुनावी सभा खत्म होते ही इंटरव्यू के इंतजार में उनकी गाड़ी में बैठा ही था कि स्मृति बोलीं, "मोदी जी आ रहे हैं यहां राहुल के खिलाफ कैंपेन करने।" मुझे थोड़ा ताजुब्ब हुआ।
आमतौर पर और खासकर पुराने दौर में प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार विपक्षी के बराबरी के उम्मीदवार के खिलाफ चुनाव प्रचार नहीं किया करते थे। हालांकि ये भी सच है कि राहुल गांधी कांग्रेस के प्रधानमंत्री पद के घोषित उम्मीदवार नहीं थे। स्मृति की बात सौ आने सच निकली। पांच मई को पांच बजे अमेठी में चुनाव प्रचार खत्म होना था और चार बजे के मोदी का हैलीकॉप्टर मुंशीगंज के उस गेस्ट हाउस से थोड़ी दूर ही उतरा जहां राजीव, संजय, सोनिया, प्रियंका और राहुल गांधी दशकों से रुकते रहे हैं।
दो वर्ष बीत चुके हैं और स्मृति इरानी ने तब से पीछे मुड़कर नहीं देखा है। एक जमाने में मोदी का विरोध और बाद में उससे इंकार कर चुकीं इरानी इस समय की सरकार के कोर ग्रुप में गिनीं जाती हैं।