हरिद्वार में 4 नवंबर को गंगा उत्सव 2024 का भव्य आयोजन होगा। इस कार्यक्रम का आयोजन राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) द्वारा किया जा रहा है। 2017 से हर साल गंगा उत्सव का आयोजन गंगा नदी को 'राष्ट्रीय नदी' घोषित किए जाने की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में किया जाता है। समूचे देश में मनाए जा रहे इस गंगा उत्सव पर्व के तहत विविध सांस्कृतिक गतिविधियां आयोजित होंगी। इनमें स्कूली बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम विभिन्न प्रतियोगिताएं विभिन्न सामाजिक क्षेत्र में कार्य करने वाले लोगों की प्रस्तुति जैसे बड़े कार्यक्रम होंगे।
क्या है गंगा उत्सव कार्यक्रम?
गंगा उत्सव 2024 का आयोजन राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन (एनएमसीजी) द्वारा 4 नवंबर को हरिद्वार के चंडी घाट पर किया जा रहा है। एनएमसीजी हर वर्ष इस कार्यक्रम का आयोजन गंगा नदी को 'राष्ट्रीय नदी' घोषित किए जाने की वर्षगांठ के उपलक्ष्य में करता है। इस उत्सव का मुख्य उद्देश्य गंगा नदी के संरक्षण को बढ़ावा देना, इसकी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक महत्ता को उजागर करना और स्वच्छता के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना है। यह कार्यक्रम का आठवां संस्करण होगा और पहली बार यह नदी के किनारे मनाया जाएगा। यह आयोजन गंगा बेसिन वाले राज्यों के 139 जिलों में जिला गंगा समितियों द्वारा भी मनाया जाएगा। इसके अलावा, प्रत्येक राज्य में एक मुख्य कार्यक्रम भी आयोजित किया जाएगा।
गंगा उत्सव क्यों मनाया जा रहा है?
पवित्र नदी गंगा के तट पर अति सौंदर्य एवं मनोरम माहौल का वाद्य-वृंद रचनाओं के साथ मिश्रण एक ऐसा अनूठा अनुभव है जो शब्दों में बयान नहीं किया जा सकता है। इस उत्सव में शास्त्रीय संगीत के दिग्गजों द्वारा जो संगीतमय वातावरण बनता है उसका अद्भुत अनुभव भी अविस्मरणीय है।
गंगा महोत्सव हस्तशिल्प वस्तुओं के लिए भी उत्तम स्थान है जहां एक से बढ़कर एक हस्तशिल्प वस्तु देखी जा सकती है। यह एक ऐसा स्थान है जहां खरीदारों का सीधे उत्पादकों के साथ संपर्क होता है तथा यहां से खरीदार सीधे शिल्पकारों से हस्तशिल्प खरीद सकते हैं।
गंगा महोत्सव के समापन दिवस पर देव दीपावली जैसा एक उज्जवल पर्व मनाया जाता है जो गंगा महोत्सव का मुख्य आकर्षण होता है। इस पर्व के दौरान गंगा नदी के पावन जल में श्रद्धालुओं योजनाओं द्वारा लाखों दीये विसर्जित किए जाते हैं जो एक अविस्मरणीय दृश्य होता है। साथ ही इस पर्व के दौरान पूरे वातावरण में धूप की सुगंध फैल जाती है एवं मंत्रों की मंत्रमुग्ध होने वाली ध्वनि गूंज उठती है जिससे ऐसा महसूस होता है कि मानो आप खुद स्वर्ग में इस दिव्य पर्व के साक्षी बनने आए हों।
इसके अलावा गंगा महोत्सव की मुख्य विशेषताओं में गंगा मैराथन, पारंपरिक खेल, बोट रेस, कुश्ती आदि के आयोजन हैं।