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Jaishankar: समान मुद्दे पर कनाडा-यूएस का रूख अलग क्यों? विदेश मंत्री जयशंकर ने बताया; ट्रूडो को सुनाई खरी-खरी

Thu, 11 Jan 2024 05:41 PM IST
आदर्श शर्मा न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली

सार

विदेश मंत्री जयशंकर ने खालिस्तानी आतंकियों के मुद्दे पर कनाडा और अमेरिका के रुख पर बात करते हुए कहा कि कनाडाई राजनीति खालिस्तानियों को पनाह दे रहा है। वे आतंकवाद को सही ठहराते हैं, जबकि अमेरिका ऐसा नहीं करता है।
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विदेश मंत्री जयशंकर (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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कनाडा और अमेरिका के साथ संबंधों को लेकर विदेश मंत्री एस जयशंकर ने खुलकर बात की है। अंग्रेजी मीडिया को दिए एक साक्षात्कार में उन्होंने दोनों देशों के बीच संबंधों में अंतर को बताते हुए कहा कि कनाडा अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता के नाम पर आतंकवाद और चरमपंथी गतिविधियों को सही ठहराता है, जबकि अमेरिका ऐसा नहीं करता है। अमेरिका ने हमारे साथ अपनी चिंताओं को साझा किया, जबकि कनाडा ने ऐसा नहीं किया। उन्होंने खुलेआम हम पर आरोप लगाए हैं। 
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कनाडा ने हमारी राजनीति में किया हस्तक्षेप- जयशंकर
अंग्रेजी मीडिया को दिए इंटरव्यू के हवाले से जयशंकर ने कहा कि कनाडा ने कई बार हमारी राजनीति में हस्तक्षेप किया। दुनिया में पंजाब की घटना पर केवल  कनाडा के प्रधानमंत्री ने ही टिप्पणी दी थी। गौरतलब है कि खालिस्तानी आतंकी निज्जर की मौत के बाद से कनाडा-भारत के राजनयिक रिश्तों में खटास पैदा हुई थी। जिसके बाद से दोनों देशों के बीच इसको लेकर जुबानी जंग शुरू हो गई थी। 

कनाडाई राजनीति ने खालिस्तानी को दी पनाह- जयशंकर 
जयशंकर ने कहा कि कनाडाई राजनीति ने खालिस्तानी ताकतों को हमेशा से संरक्षण दिया है। इन्ही कारणों की वजह से हमारे संबंधों में खटास आई हैं। जयशंकर ने कहा कि लेकिन दुर्भाग्य से कनाडा की राजनीति के हालात ऐसे ही हैं। 
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भारत-कनाडा के संबंधों में क्यों आई दरार
दरअसल, खालिस्तानी आतंकी निज्जर की मौत के बाद से कनाडा के साथ भारत के रिश्तों में दरार आई है। पिछले वर्ष 18 सितंबर को कनाडाई पीएम ट्रूडो ने अपनी संसद में भारत की जांच एजेंसियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा था कि निज्जर की मौत के पीछे भारतीय एजेंसियों का हाथ है। जिसके बाद से दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध बिगड़ गए। आरोपों के बाद ओटावा के एक भारतीय अधिकारी के निष्कासन के बदले में भारत ने एक वरिष्ठ कनाडाई राजनयिक को निष्कासित कर दिया था।
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