डॉ. एसके पोद्दार के मुताबिक ऑक्सीजन सिलेंडर अब हर अस्पताल की मूल आवश्यकता में शामिल हैं। यही कारण है कि दिल्ली के लगभग सभी प्रमुख अस्पतालों, प्राइवेट अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध है।
दिल्ली सरकार ने जिन पांच अस्पतालों को समर्पित कोविड अस्पताल घोषित किया है, उनमें भी आईसीयू, ऑक्सीजन सिलेंडर और वेंटीलेटर्स की पर्याप्त उपलब्धता है।
सरकार यह संख्या लगातार बढ़ाने पर काम कर रही है।
दिल्ली में 6600 कोविड बेड बनाए जा चुके हैं। इनमें 3180 बेड्स ऑक्सीजन सपोर्ट के साथ उपलब्ध हैं। दिल्ली सरकार ने गुरु तेग बहादुर अस्पताल को भी पूरी तरह कोविड अस्पताल में बदल दिया है।
इस समय यहां 500 बेड हैं जिसे इसी हफ्ते 2000 तक बढ़ाए जाने की योजना है। इन सभी बेड्स पर ऑक्सीजन की उपलब्धता सुनिश्चित कराई जा रही है।
इसके बाद ऑक्सीजन सपोर्टेड बिस्तरों की संख्या में दो हजार की वृद्धि हो जाएगी।
दिल्ली सरकार के मुताबिक पांच जून तक कोरोना बिस्तरों की संख्या बढ़ाकर 9500 तक कर दी जाएगी। प्राइवेट अस्पतालो में भी ऑक्सीजन सपोर्टेड बिस्तरों की पर्याप्त संख्या उपलब्ध है।
राजधानी के विभिन्न अस्पतालों में इस समय लगभग 320 वेंटीलेटर्स उपलब्ध हैं। इनमें सरकारी अस्पतालों में 250 वेंटीलेटर्स तो बाकी प्राइवेट अस्पतालों के पास हैं।