समाचार एजेंसी पीटीआई को दिए एक साक्षात्कार में लेफ्टिनेंट जनरल बग्गावल्ली सोमशेखर राजू ने कहा, 'आतंकवाद की कमर एक तरह से टूट चुकी है। यह अंदरूनी इलाकों में सक्रिय आतंकियों को खत्म करने से संभव हुआ है। हमें आशंका है कि गर्मी के मौसम में सीमा पार से घुसपैठ के मामले बढ़ सकते हैं।' उन्होंने कहा कि सेना किसी भी आकस्मिक स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है।
उन्होंने कहा, पीओके में स्थित सभी आतंकी शिविर और करीब 15 लॉन्च पैड पूरी तरह से भर चुके हैं। ये आतंकी पाकिस्तान की सहायता से भारत की सीमा में घुसपैठ करने का मौका ढूंढ रहे हैं। उन्होंने सेना के घुसपैठ रोधी ग्रिड को भी मजबूत करने की बात कही। उन्होंने कहा, संघर्ष विराम उल्लंघन पर हमारी प्रभावी प्रतिक्रिया ने पाकिस्तान को अपना एजेंडा आगे बढ़ाने में असहाय कर दिया है।
यह कहते हुए कि पाकिस्तान 30 साल से ज्यादा समय से आतंकियों की घुसपैठ करने में लगातार मदद कर रहा है, उन्होंने कहा कि आतंकियों की घुसपैठ में मदद करने के लिए पाक सेना की ओर से कई बार युद्ध विराम का उल्लंघन किया गया है। हालांकि, इस तरह के प्रयासों को नाकाम किया गया है क्योंकि संघर्ष विराम उल्लंघन पर हमारी प्रतिक्रिया तीव्र, कठोर और दंडात्मक रही है।
लेफ्टिनेंट जनरल राजू पहले नियंत्रण रेखा पर ब्रिगेड कमांडर के रूप में तैनात थे। बाद में उन्हें एक उग्रवाद विरोधी समूह 'विक्टर फोर्स' की जिम्मेदारी दी गई। ये ग्रुप दक्षिण कश्मीर में कार्य करता है। उन्होंने कहा, 'देश की संप्रभुता के खिलाफ गलत इरादे रखने वालों या हथियार उठाने वालों के साथ और अधिक सख्ती से निपटा जाएगा।'
इस सवाल पर कि ऐसे समय में जब पूरी दुनिया कोरोना वायरस से जंग लड़ रही है सेना घुसपैठ के बढ़ते मामलों का सामना कैसे कर रही है, उन्होंने कहा, 'ऐसे समय में भी जब पूरी दुनिया एकजुट होकर कोविड-19 से लड़ रही है, पाकिस्तान एलओसी पर अपनी हरकतों से बाज नहीं आ रहा है। सीमा पर तैनात हमारे जवानों के पास सभी संसाधन हैं और किसी भी स्थिति से निपटने में सक्षम हैं।'
हाल ही में आतंकी रियाज नाइकू और जुनैद अशरफ को मार गिराने को लेकर उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से सभी आतंकी समूहों के नेतृत्व को प्रभावी तरीके से निशाना बनाया गया है और उन्हें खत्म कर दिया गया है। उन्होंने कहा आतंकी समूहों में इस समय नेतृत्व का अभाव है और पाक अपने एजेंडे को पूरा करने के लिए पकड़ खो रहा है।