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मनसुख हत्याकांड: मामला सुलझाने वाले आईपीएस शिवदीप लांडे कौन हैं, जानिए उनका शिवसेना कनेक्शन

Mon, 22 Mar 2021 01:24 AM IST
Jeet Kumar न्यूज डेस्क, अमर उजाला, मुंबई

सार

  • मुंबई के मनसुख हत्याकांड को सुलझाने में एटीएस को मिली सफलता।
  • इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को किया गिरफ्तार।
  • आईपीएस शिवदीप लांडे के नेतृत्व में सुलझा मामला।
  • लांडे ने फेसबुक पोस्ट कर इसे अपने करियर का चुनौतीपूर्ण केस बताया।
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आईपीएस शिवदीप लांडे (फाइल फोटो) - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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मुंबई में देश के सबसे बड़े उद्योगपति मुकेश अंबानी के घर के पर मनसुख हिरेन की स्कार्पियो में विस्फोटक मिला था, जिसके कुछ दिन बाद मनसुख की मौत हो गई थी।  मुंबई एटीएस ने मनसुख की मौत के मामले को सुलझा लिया है। इस मामले में एटीएस ने दो लोगों को गिरफ्तार किया है।

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इसमें से एक निलंबित पुलिस कर्मचारी है और दूसरा एक बड़ा बुकी है। इन दोनों ही आरोपियों को अदालत ने 30 मार्च तक एटीएस की हिरासत में भेजा है। खास बात यह है कि एनआईए को इस केस को भी अपने पास लेने के आदेश मिलने के कुछ घंटों बाद ही इस मामले को एटीएस ने सुलझाने में सफलता पाई है।

जिस आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे की निगरानी में यह मामला सुलझा है, उन्होंने फेसबुक पोस्ट के जरिये इस मामले को हल करने की जानकारी दी। शिवदीप लांडे ने लिखा है कि यह केस मेरे करियर का बेहद चुनौतीपूर्ण और अहम केस था। उन्होंने पूरी टीम का दिन-रात मेहनत कर इस मामले को हल करने के लिए धन्यवाद भी  किया है। शिवदीप लांडे बिहार कैडर के आईपीएस अधिकारी हैं। बिहार में अपनी तैनाती के दौरान भी वे काफी मशहूर हुए थे। शिवदीप लांडे का महाराष्ट्र में शिवसेना के साथ कनेक्शन भी है।
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लांडे का शिवसेना कनेक्शन
महाराष्ट्र के तेजतर्रार और दबंग आईपीएस अधिकारी शिवदीप लांडे महाराष्ट्र के शिवसेना नेता विजय शिवतरे के दामाद हैं। उनकी बेटी डॉक्टर ममता शिवतरे शिवदीप लांडे की पत्नी हैं। विजय शिवतरे महाराष्ट्र के जल संसाधन राज्यमंत्री भी रह चुके हैं। वह शिवसेना के प्रवक्ता भी बनाए गए थे। हालांकि 2019 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के संजय जगताप के हाथों उनकी बुरी शिकस्त भी हुई थी। शिवदीप लांडे जब पटना से मुंबई आए तब उन्हें मुंबई में एंटी नारकोटिक्स विभाग की जिम्मेदारी दी गई, जहां उन्होंने बेहतरीन काम किया था। फिलहाल वह महाराष्ट्र में आतंकरोधी दस्ते (एटीएस) के डीआईजी के रूप में कार्यरत हैं।





बिहार में दुपट्टा ओढ़ आरोपी को पकड़ आए थे चर्चा में 
लांडे का जन्म महाराष्ट्र के अकोला जिले के परसा गांव में हुआ था और इनके पिता एक किसान थे। शिववदीप लांडे ने इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। साथ ही पढ़ाई के दौरान ही मुंबई में रहकर यूपीएससी की तैयारी की, जिसके बाद उनका यूपीएससी में चयन हो गया। वह बिहार कैडर के आईपीएस चुने गए। शिवदीप लांडे की पहली पोस्टिंग बिहार के मुंगेर जिले के नक्सल प्रभावित इलाके जमालपुर में हुई थी। शिवदीप लांडे बिहार के पटना शहर में भी काफी मशहूर हैं। उन्हें पटना के रॉबिनहुड के नाम से भी जाना जाता है। 

जनवरी, 2015 में शिवदीप पटना के डाक बंगला चौराहे पर घूस मांग रहे इंस्पेक्टर सर्वचंद को फिल्मी अंदाज में दुपट्टा ओढ़कर पकड़ने के मामले में चर्चा में आए थे। यूपी पुलिस के इंस्पेक्टर सर्वचंद पर आरोप था कि वह पटना के दो व्यापारी भाइयों से एक पुराने केस को खत्म करने के लिए पैसे मांग रहे थे। इन दोनों भाइयों ने इसकी जानकारी तत्कालीन एसपी शिवदीप लांडे को दी। इसके बाद लांडे भेष बदलकर टी-शर्ट पहने और सर पर दुपट्टा लपेटे इंस्पेक्टर सर्वचंद का डाक बंगला चौराहे पर इंतजार करने लगे।

सर्वचंद जैसे ही घूस का पैसा लेने के लिए वहां पहुंचे, शिवदीप ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, सबूतों के अभाव में थोड़ी ही देर में सर्वचंद्र को छोड़ भी दिया गया। शिवदीप अपनी दबंग स्टाइल की वजह से युवाओं के बीच खासे चर्चित हैं। यूथ उन्हें ‘दबंग’ और ‘सिंघम’ नाम से बुलाते हैं।

लड़कियों को बांटा नंबर
बिहार में शिवदीप लांडे के नाम कई कारनामे दर्ज हैं। खासकर सड़क छाप लफंगों पर इनकी सख्ती ने कॉलेज और स्कूल की लड़कियों के बीच इनकी छवि हीरो की बना दी थी। मनचलों को सबक सिखाने और लड़कियों को मदद के लिए किसी भी समय उपलब्ध रहने के लिए उन्होंने अपना निजी मोबाइल नंबर लड़कियों के बीच बांट दिया था। नतीजा यह हुआ कि राजधानी की सड़कों से मनचलों का धीरे-धीरे सफाया हो गया क्योंकि एक शिकायत पर शिवदीप लांडे खुद मनचलों को सबक सिखाने पहुंच जाया करते थे।

अवैध खनन माफियाओं पर लगाई थी लगाम
शिवदीप लांडे अपराधियों से सीधे लोहा लेने के लिए जाने जाते हैं। जब बिहार के रोहतास में वो पुलिस कप्तान की भूमिका में थे तब अवैध खनन माफियों से उनकी सीधी भिड़ंत हो गई। माइनिंग माफियाओं पर कार्रवाई करने के लिए शिवदीप अवैध खनन की मशीनें जब्त करने निकले थे और अचानक अपराधियों ने उनपर फायरिंग कर दी। बहादुर आईपीएस अफसर ने अपनी जान की परवाह किये बिना डटकर माफियाओं का सामना किया। कहा जाता है कि करीब 30 राउंड फायरिंग उस दौरान हुई थी। बाद में शिवदीप ने खुद जेसीबी मशीन संभाली और अवैध खनन के सारे जुगाड़ को तहस-नहस कर दिया। इस दौरान 500 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।

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