जरूरतमंदों को कंबल देते संस्था के कार्यकर्ता
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सर्द रात में ठंड से ठिठुरते लोगों को कंबल का सहारा मिल जाए तो अहसास किसी जन्नत सरीखा ही होता है। लेकिन यहां बात उन लोगों की हो रही है जिनके पास आशियाने के नाम पर आसमान की खुली छत और बिछौने के लिए फुटपाथ है। बेघर और बेबस इन लोगों की सुध अल्लाह के बंदों ने ली। गैर सरकारी संस्था 'हू इज हुसैन' के कार्यकर्ताओं ने दिल्ली से सटे गाजियाबाद में शनिवार शाम बेसहारा जरूरतमंदों को कंबल बांटे।
कंबल पाकर तमाम जरूरतमंदों के चेहरे खिले दिखे। 'हू इज हुसैन' के कार्यकर्ताओं ने बताया कि पैगम्बर मोहम्मद के नवासे हजरत हुसैन की शहादत के 40 दिन पूरे होने की याद में चेहल्लुम के मौके पर जरूरतमंदों को कंबल बांटे गए। शहर के बस अड्डे, राजकीय अस्पताल और फ्लाईओवरों के नीचे लेटे हुए लोगों को भी कंबल दिए गए।
संस्था के कार्यकर्ताओं के मुताबिक हुसैन साहब ने करबला में अपने घर के 72 लोगों की शहादत सिर्फ इंसानियत के लिए दी थी। इसलिए उनको मानने वाले उनकी याद में इंसानियत का यह काम करते हैं।