डब्ल्यूएचओ के एक शीर्ष अधिकारी ने महामारी के संबंध में तैयारियों को लेकर भारत की तारीफ की है। जिनेवा में डब्ल्यूएचओ स्वास्थ्य आपातकालीन कार्यक्रम के कार्यकारी निदेशक डॉ. माइकल रयान ने कहा कि भारत के दवाओं, टीकों और नैदानिक सेवाओं को जरूरतमंदों तक समान रूप से पहुंचाने के लिए भारत एक प्रभावी चिकित्सा उपाय ढांचा विकसित करने की मजबूत स्थिति में है। सभी देशों को शामिल करते हुए देखा जाए तो भारत इसमें काफी आगे है। उन्होंने कहा कि भारत के नेतृत्व में स्वास्थ्य और महामारी के लिए उपायों की तैयारी का भविष्य मजबूत है।
बता दें कि भारत इस साल जी20 की अध्यक्षता कर रहा है। इसी क्रम में भारत ने कोरोना जैसी किसी भी महामारी से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए एक मेडिकल काउंटरमेजर कोआर्डिनेशन प्लेटफॉर्म बनाने का प्रस्ताव किया है।
भारत बहुत मजबूत स्थिति में
हैदराबाद में आयोजित तीसरी जी20 स्वास्थ्य कार्य समूह की बैठक में डॉ. माइकल रयान ने कहा कि आज हम महामारी की तैयारी और प्रतिक्रिया पर चर्चा कर रहे हैं। ताकि भविष्य में कोरोना जैसी महामारियों का बेहतर जवाब दे सकें। भारत इस मुद्दे को उजागर कर रहा है और इस बारे में बात कर रहा है कि हम चिकित्सा उपायों पर एक साथ कैसे काम करते हैं। हम कैसे बेहतर टीके और दवाएं बनाते हैं और उन्हें लोगों तक कैसे पहुंचाते हैं। साथ ही भारत यह भी बता रहा है कि हम कैसे इस पूरे सिस्टम को निष्पक्ष बना सकते हैं, ताकि चिकिस्ता उपाय और वस्तुएं उन लोगों को जल्दी से प्राप्त हो सकें, जिन्हें उनकी असल में जरूरत है। डॉ रयान ने कहा, भारत ऐसा करने के लिए बहुत मजबूत स्थिति में है।
भारत की तारीफ की
उन्होंने आगे कहा कि भारत के पास विज्ञान आधारित बेहतरीन नवाचार क्षमता है। यहां फार्मास्यूटिकल्स के साथ-साथ टीकों के लिए एक विशाल विनिर्माण आधार भी है। साथ ही यह बहुत उपयुक्त है कि जब भारत जी20 की अध्यक्षता कर रहा तो ऐसे में उसका ध्यान इस मुद्दे पर है।
मेडिकल काउंटरमेजर कोआर्डिनेशन प्लेटफॉर्म बनाने में योगदान देगी बैठक
वहीं, अधिकारियों ने कहा है कि भारत की अध्यक्षता में हो रही जी20 की तीसरी स्वास्थ्य कार्य समूह की बैठक ग्लोबल साउथ देशों की चुनौतियों को आवाज देगी। साथ ही इसके वैक्सीन चिकित्सीय, अनुसंधान और विनिर्माण नेटवर्क के लिए क्षेत्रीय नेटवर्क स्थापित करने और एक वैश्विक चिकित्सा प्रतिउपाय समन्वय मंच के निर्माण में योगदान देगी।
भारत की तीन प्राथमिकताएं
भारत की G20 अध्यक्षता स्वास्थ्य ट्रैक में तीन प्राथमिकताओं पर केंद्रित है। इन प्राथमिकताओं में से पहली स्वास्थ्य आपात रोकथाम, तैयारी और एंटी-माइक्रोबियल प्रतिरोध और वन हेल्थ फ्रेमवर्क पर फोकस करना है। दूसरी प्राथमिकता, सुरक्षित, प्रभावी, गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा प्रति उपायों तक पहुंच और उपलब्धता पर ध्यान देने के साथ फार्मास्युटिकल क्षेत्र में सहयोग को मजबूत करना है। तीसरी, डिजिटल स्वास्थ्य नवाचार और समाधान है जो सार्वभौमिक मेडिकल कवरेज में मददगार है और स्वास्थ्य सेवाओं वितरण में सुधार करता है।
एक साथ आने का किया आह्वान
इस बैठक में केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने कहा कि अगली महामारी वैश्विक संधि करने के लिए हमारा इंतजार नहीं करेगी। ऐसे में यह सुनिश्चित करना समय की आवश्यकता है कि अगली महामारी के लिए हम पर्याप्त रूप से तैयार रहें। उन्होंने सभी हितधारकों से एक साथ आने और "एक पृथ्वी, एक परिवार, एक भविष्य" के लिए कार्य करने का आह्वान किया।