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Rail Accident: जब ट्रैकमैन के दो लाख पद हैं खाली, तो कैसे होगी 19500 किमी लंबे ट्रैक की मरम्मत?

जितेंद्र भारद्वाज
Updated Mon, 05 Jun 2023 06:06 PM IST

सार

Rail Accident: अखिल भारतीय रक्षा कर्मचारी महासंघ (एआईडीईएफ) के महासचिव सी. श्रीकुमार ने रेलवे कर्मियों से बातचीत कर कई बातों का खुलासा किया है। उन्होंने कहा, वर्तमान में रेलवे में लोको पायलट, तकनीशियन और ट्रैकमैन आदि सहित तीन लाख से अधिक पद रिक्त हैं...
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Indian Railways - फोटो : Amar Ujala/Rahul Bisht


इसके चलते 19500 किलोमीटर से ज्यादा ट्रैक की मरम्मत की जरूरत है। रेलवे पुलों का भी यही हाल है। अगर इन पुलों का ठीक से रखरखाव नहीं किया गया, तो इसके परिणामस्वरूप और अधिक आपदाएं झेलनी होंगी। एआईडीईएफ के महासचिव ने बताया कि रेल अधिकारियों द्वारा लापरवाही का कारण फंड की कमी बताया जा रहा है। रेल बजट को समाप्त कर उसे आम बजट में विलय कर देने के बाद कोष एक बड़ी समस्या बन गया है। अब रेलवे को वित्त मंत्रालय की दया पर निर्भर रहना पड़ता है।

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समय-परीक्षणित अलग बजट वापस लाना चाहिए

वर्तमान में तीन लाख से अधिक पद रिक्त हैं। महिला लोको पायलटों को अनगिनत समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ट्रैकमैन के दो लाख पद ही खाली पड़े हैं। रेलवे और रक्षा उद्योग के प्रति सरकार की उदासीनता समाप्त होनी चाहिए। सरकार को अपनी हठधर्मिता और निराशाजनक नीतियों से बाहर आना होगा। रेलवे को मजबूत करने के लिए नवीनतम तकनीक का उपयोग करना चाहिए। इसके लिए जरूरी है कि निजीकरण और आउटसोर्सिंग को रोका जाए। समय-परीक्षणित अलग बजट वापस लाना चाहिए। रेलवे सेवाओं के आधुनिकीकरण के लिए संसाधनों का पता लगाना लगाएं। रेलवे की विभिन्न अखिल भारतीय विशिष्ट सेवाओं को समाप्त करने के लिए निर्णयों की भी समीक्षा करने की आवश्यकता है। विशेषज्ञता हमेशा किसी भी उद्योग की आवश्यकता होती है। श्रीकुमार ने कहा, कोई भी संवेदनशील और समझदार सरकार अगर यह पाती है कि उसके निर्णय/नीतियां विफल हो रहे हैं और वांछित परिणाम नहीं मिल रहे हैं तो तो उन्हें वापस ले लेना चाहिए।

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