विश्व मधुमेह दिवस (वर्ल्ड डायबिटीज डे) के मौके पर डब्ल्यूएचओ ने स्वास्थ्यकर्मियों से आह्वान किया है कि वह डायबिटीज के पीड़ितों तक इसकी गुणवत्तापूर्ण जानकारी पहुंचाएं।
दुनिया के सबसे बड़े स्वास्थ्य निकाय (डब्ल्यूएचओ) की दक्षिण-पूर्व एशिया की क्षेत्रीय निदेशक पूनम खेत्रपाल ने कहा, करीब 42 मिलियन लोगों को डायबिटीज है। दुनियाभर में हर साल 1.5 मिलियन (15 लाख) मौतें सीधे डायबिटीज के कारण होती हैं।
डॉ. खेत्रपाल ने बताया कि विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि दक्षिण-पूर्व एशिया क्षेत्र में 96 मिलियन (9.6 करोड़) से ज्यादा लोगों को डायबिटीज है। जिससे सालभर में कम से कम 6 लाख मौतें होती हैं। यदि तत्काल कार्रवाई नहीं की जाती तो इस क्षेत्र में 245 तक डायबिटीज के पीड़ित 68 फीसदी तक बढ़ सकते हैं।
उन्होंने डायबिटीज की गंभीरता पर जोर देते हुए कहा कि अगर इसका देर से पता चला या अनुचित तरीके से इलाज किया गया, तो हृदय, रक्त वाहिकाओं, आंखों, गुर्दों और तंत्रिकाओं को गंभीर जानलेवा क्षति पहुंच सकती है।
उन्होंने आगे कहा, टाइप-2 डायबिटीज के जोखिम को नियमित और पर्याप्त स्वस्थ भोजन और तंबाकू-शराब आदि के सेवन से बचकर कम किया जा सकता है। इसे दवा, रक्तचाप और स्वस्थ जीवन शैली के पालन नियंत्रित और प्रबंधित किया जा सकता है।
डॉ. खेत्रपाल ने कहा, टाइप-1 डायबिटीज इस क्षेत्र में ढाई लाख से ज्यादा बच्चों और और किशोरों को प्रभावित करता है। इसे रोका नहीं जा सकता है, लेकिन इसे प्रबंधित किया जा सकता है। दोनों प्रकार के डायबिटीज के लिए सस्ते उपचार तक पहुंच, इंसुलिन आदि जरूरी हैं।