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नवजोत सिंह सिद्धू: इमरान खान को बड़ा भाई बताने वाले बयान से किसको फायदा, क्या पंजाब चुनाव में बन सकता है मुद्दा

प्रतिभा ज्योति, अमर उजाला, नई दिल्ली। Published by: प्रतिभा ज्योति Updated Sat, 20 Nov 2021 05:12 PM IST

सार

पाकिस्तान के करतारपुर पहुंचे नवजोत सिंह सिद्धू का वहां पुष्प वर्षा कर गर्मजोशी से स्वागत हुआ तो इससे अभिभूत होकर उन्होंने इमरान खान को अपना बड़ा भाई बता दिया। यूथ कांग्रेस के एक पूर्व अध्यक्ष ने कहा 'ज्यादा खुशी में शायद वे भूल गए कि पंजाब में चुनाव होने हैं और उन्होंने अपने किसी ‘कट्टर सियासी दुश्मन’के हाथ में एक और मुद्दा थमा दिया है।' 
 
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इमरान खान- नवजोत सिंह सिद्धू

करतारपुर साहिब गुरुद्वारे की यात्रा पर पाकिस्तान गए पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर विवादों में है।  शनिवार को सिद्धू ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अपना बड़ा भाई बताया।उन्होंने कहा कि इमरान ने उन्हें बहुत प्यार दिया है। सिद्धू का यह बयान जैसे ही भारतीय जनता पार्टी तक पहुंचा, इस पर सियासत शुरू हो गई। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि सिद्धू ने एक बार फिर अपना पाकिस्तान प्रेम दिखाया है। वे हमेशा पाकिस्तान का गुणगान करते रहते हैं। पात्रा ने कहा कि यह कांग्रेस की सोची-समझी साजिश है। 

माना जा रहा है कि सिद्धू के इस बयान से उनके कट्टर सियासी दुश्मन और कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है। क्योंकि अमरिंदर सिंह इमरान खान से सिद्धू की दोस्ती और कैप्टन बाजवा से उनके गले मिलने की तस्वीरों को लेकर सिद्धू पर हमलावर होते रहे हैं। जैसे ही कैप्टन ने मुख्यमंत्री पद की कुर्सी छोड़ी थी उन्होंने सबसे पहले सिद्धू को ही पाक समर्थित बताकर उन्हें राष्ट्र के लिए खतरा बताया था। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे चुनाव करीब आएगा कैप्टन सिद्धू को पाक समर्थित बताकर उन पर और कांग्रेस पर हमलावर होंगे और पंजाब विधानसभा चुनाव में राष्ट्र की सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बनाया जा सकता है। 

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इमरान खान- नवजोत सिंह सिद्धू
करतारपुर साहिब गुरुद्वारे की यात्रा पर पाकिस्तान गए पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू एक बार फिर विवादों में है।  शनिवार को सिद्धू ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अपना बड़ा भाई बताया।उन्होंने कहा कि इमरान ने उन्हें बहुत प्यार दिया है। सिद्धू का यह बयान जैसे ही भारतीय जनता पार्टी तक पहुंचा, इस पर सियासत शुरू हो गई। भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि सिद्धू ने एक बार फिर अपना पाकिस्तान प्रेम दिखाया है। वे हमेशा पाकिस्तान का गुणगान करते रहते हैं। पात्रा ने कहा कि यह कांग्रेस की सोची-समझी साजिश है। 

माना जा रहा है कि सिद्धू के इस बयान से उनके कट्टर सियासी दुश्मन और कांग्रेस के पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह को सबसे ज्यादा फायदा होने वाला है। क्योंकि अमरिंदर सिंह इमरान खान से सिद्धू की दोस्ती और कैप्टन बाजवा से उनके गले मिलने की तस्वीरों को लेकर सिद्धू पर हमलावर होते रहे हैं। जैसे ही कैप्टन ने मुख्यमंत्री पद की कुर्सी छोड़ी थी उन्होंने सबसे पहले सिद्धू को ही पाक समर्थित बताकर उन्हें राष्ट्र के लिए खतरा बताया था। माना जा रहा है कि जैसे-जैसे चुनाव करीब आएगा कैप्टन सिद्धू को पाक समर्थित बताकर उन पर और कांग्रेस पर हमलावर होंगे और पंजाब विधानसभा चुनाव में राष्ट्र की सुरक्षा को बड़ा मुद्दा बनाया जा सकता है। 

नवजोत सिंह सिद्धू - फोटो : सोशल मीडिया
सिद्धू का इमरान प्रेम
नवजोत सिंह सिद्धू की पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान से नजदीकी क्रिकेट खेलने के कारण रही है। दोनों क्रिकेट खिलाड़ी रहे हैं और सिद्धू इस दोस्ती को क्रिकेट से ही जोड़ते हैं। वे 2018 में इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में भी पाकिस्तान गए थे और वहां उन्होंने पाक आर्मी चीफ कमर बाजवा को गले लगा लिया था। सिद्धू इससे पहले भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को अपने दोस्तों में गिन चुके हैं।



उन्होंने एक बार और कहा था "मेरे दोस्त इमरान खान ने मेरे जीवन को सफल बनाया है। उन्होंने राजनीति को धर्म से अलग कर दिया।" सिद्धू करतारपुर कॉरिडोर खोलने को लेकर पाकिस्तान में हुए कार्यक्रम में भी हिस्सा लेने गए थे। दिलचस्प बात यह है कि जब सिद्धू इमरान खान के शपथ ग्रहण समारोह में पाकिस्तान गए थे वे तब तत्कालीन मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह की कैबिनेट में मंत्री थे।  

पंजाब के एक वरिष्ठ पत्रकार बताते हैं कि ‘सिद्धू वो हर काम कर रहे हैं जिससे राज्य में कांग्रेस को नुकसान हो और अमरिंदर सिंह को फायदा हो। इमरान खान को लेकर कोई भी बयान देने को वे टाल सकते थे। वे पाकिस्तान या इमरान खान को लेकर जितना बयान देंगे भाजपा के साथ-साथ अमरिंदर सिंह भी उन्हें उतना ही पाकिस्तान समर्थक बताकर खुद की राष्ट्रवादी छवि और मजबूत कर सकते हैं। जो भाजपा से उनकी नजदीकी में मददगार होगी क्योंकि भाजपा के लिए अमरिंदर सिंह के नए प्यार के गंभीर सियासी मतलब निकाले जा रहे हैं। 

 

कैप्टन अमरिंदर सिंह - फोटो : ANI
माना जा रहा है कि पीएम मोदी के शुक्रवार को तीनों कृषि कानून वापिस लेने के फैसले से कैप्टन अमरिन्दर सिंह की राह से चुनाव से पहले भाजपा के साथ सीट बंटवारा करने या चुनाव बाद गठबंधन करने की बड़ी बाधा खत्म हो गई है। कहा जा रहा है कि  कैप्टन की नई पार्टी पंजाब लोक कांग्रेस (पीएलसी) और भाजपा चौथे मोर्चे के रूप में उभर सकती है।

अपनी नई पार्टी बनाकर चुनाव मैदन में उतरने का कैप्टन का मकसद कांग्रेस सरकार को पंजाब से बेदखल करना है और इस काम में वे सिद्धू और कांग्रेस पर हमला कर भाजपा की मदद कर सकते हैं और भाजपा से हाथ मिला सकते हैं। इस काम के लिए कैप्टन को भाजपा की जरूरत की क्योंकि पूर्व मुख्यमंत्री केवल अपने सियासी कद के दम पर यह चुनाव नहीं जीत सकते। चुनाव नजदीक हैं और उनकी पार्टी नई है, संगठन अभी तैयार नहीं है।

कैप्टन की राष्ट्रवादी छवि भाजपा के अनुकूल  
भाजपा केंद्र में सत्ता में है लेकिन पंजाब में हाशिए पर है। पार्टी को भी अमरिंदर सिंह जैसे चेहरे की तलाश में है जो राज्य में उसे अनिश्चित राजनीतिक भविष्य से बाहर निकल सके। अब तक पंजाब में भाजपा की सियासी गाड़ी शिरोमणि अकाली दल के भरोसे तीन दशकों से चल रही थी क्योंकि दोनों पार्टियों का गठबंधन था लेकिन किसान आंदोलन की वजह से ही अकाली दल ने भाजपा से नाता तोड़ लिया। दूसरी तरफ पूर्व सैनिक होने के कारण कैप्टन की राष्ट्रवादी छवि भी भाजपा को सूट करती है। 

केंद्र की भाजपा सरकार के साथ कांग्रेस के मुख्यमंत्री रहते हुए भी अमरिंदर सिंह सहज बने हुए थे और पीएम मोदी की राष्ट्रवादी छवि की प्रशंसा करते रहे हैं। चाहे पाकिस्तान के बालाकोट में भारतीय वायु सेना का हवाई हमला हो या पंजाब, असम और पश्चिम बंगाल में बीएसएफ के ऑपरेशनल रेंज का हालिया विस्तार, अमरिंदर ने मोदी सरकार के हर कदम का खुलकर समर्थन किया है। तीनों कृषि कानून रद्द किए जाने के पीएम के फैसले पर भी उन्होंने उनका धन्यवाद किया।




 
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