वैश्विक स्तर पर औसतन हर दिन 750 से ज्यादा पैदल यात्रियों की जान सड़क हादसों में जा रही है। यानी प्रतिवर्ष 2.74 लाख पैदल यात्री सड़कों पर होने वाले हादसों का शिकार बन जाते हैं।
विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) की ग्लोबल स्टेटस रिपोर्ट ऑन रोड सेफ्टी 2023 के अनुसार, दुनियाभर में हर साल सड़क हादसों में जितनी जानें जा रही हैं, उसमें से 23 फीसदी शिकार पैदल यात्री होते हैं।
2010 की तुलना में 2021 के दौरान हादसों में जान गंवाने वाले पैदल यात्रियों के आंकड़े में तीन फीसदी का इजाफा हुआ है। तमाम एहतियात बरतने के बावजूद पिछले 11 वर्षों से लगातार इसमें वृद्धि होती जा रही है।
रोजाना 3,200 की जा रही जान
गत 11 वर्षों में सड़क हादसों में होने वाली कुल मौतों में पांच फीसदी की गिरावट आई है। 2010 के दौरान हुए सड़क हादसों में 12.5 लाख लोगों की जान गई थी, लेकिन 2021 में यह संख्या घटकर 11.9 लाख रह गई है। इसके बावजूद अब भी रोजाना करीब 3,200 लोगों की जान सड़क हादसों में जा रही है।
0.2 फीसदी सड़कों पर ही साइकिल लेन
रिपोर्ट के अनुसार, दुनियाभर में 80 फीसदी सड़कें पैदल यात्रियों के लिए सुरक्षित नहीं हैं। ये सड़कें सुरक्षा से जुड़े मानकों पर खरी नहीं उतरती हैं। इसके अलावा दुनिया के विकसित और विकासशील देशों में साइकिल चलाने को लेकर प्रोत्साहन की बात की जाती है, लेकिन महज 0.2 फीसदी सड़कों पर साइकिल लेन मौजूद हैं। इससे यह साफ जाहिर होता है कि सड़कें पैदल और साइकिल सवारों के लिए असुरक्षित हैं।
साइकिल सवारों से जुड़े हादसे 20 फीसदी बढ़े
सड़क हादसों में होने वाली छह फीसदी मौतों का शिकार कोई न कोई साइकिल सवार बनता है। गत 11 वर्षों में सड़क हादसों के दौरान साइकिल सवारों की मौतों में 20 फीसदी का इजाफा हुआ है। 2021 में 71 हजार साइकिल सवार सड़क हादसों में मारे गए थे।
अमेरिका में सबसे अधिक दुर्घटनाएं
दुनिया में सबसे ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं अमेरिका में होती हैं। यहां हर साल औसतन 22 लाख से ज्यादा सड़क दुर्घटनाएं होती हैं, जबकि जापान में तकरीबन पांच लाख सड़क दुर्घटनाएं होती हैं और भारत में यह आंकड़ा चार लाख अस्सी हजार के करीब है। 2022 में एक लाख जनसंख्या पर मृत्युदर के संदर्भ में ऑस्ट्रेलिया की दर 4.54 थी। तीन सबसे कम दरों वाले देश नॉर्वे (2.14), स्वीडन (2.17) और आइसलैंड (2.39) थे।
भारत भी सुरक्षित नहीं
भारत में भी पैदल चलने वाले सबसे ज्यादा असुरक्षित हैं। 2022 में करीब 32,825 पैदल यात्री सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हुए। सड़क हादसों में 58 फीसदी मौतें पैदल यात्रियों की हो रही हैं।