फरीदाबाद के नितिन जैन ने 2009 में एआईईईई (अब जेईई-मेन) और आईआईटी-जेईई (अब जेईई-एडवांस्ड) दोनों में शीर्ष स्थान प्राप्त किया था।
नितिन ने आईआईटी-दिल्ली (2009-13) में बीटेक कंप्यूटर साइंस का अध्ययन किया। वह खगोल विज्ञान और खगोल भौतिकी पर 2010 में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपियाड में स्वर्ण पदक विजेता भी रहे।
उन्होंने जोमैटो में प्रशिक्षण लिया और ट्विटर में उनका कैंपस प्लेसमेंट हो गया था। वर्तमान में, वह सैन फ्रांसिस्को में गूगल के साथ काम करते हैं।
2010 में, वारंगल के अनुमुला जितेंद्र रेड्डी ने आईआईटी-जेईई में शीर्ष रैंक हासिल की। उन्होंने आईआईटी-बॉम्बे से बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग का अध्ययन किया (2010-14)। कैलिफोर्निया में कैल्टेक सुरफ्रिड्स में कुछ समय काम करने से पहले उन्होंने क्यूईए एडवेंचर्स में प्रशिक्षिण लिया।
उसके बाद उन्होंने ईटीएच ज्यूरिख (2015-17) में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में मास्टर डिग्री ली। इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरोइनफॉरमैटिक्स (आईएनआई), ज्यूरिख विश्वविद्यालय और ईटीएच ज्यूरिख के मुताबिक वह वर्तमान में पीएचडी कर रहे हैं।
आंध्र प्रदेश के पश्चिम गोदावरी के इम्मादी प्रुध्वितेज ने आईआईटी-जेईई में एआईआर -1 और 2011 में एआईईईई में एआईआर -7 प्राप्त किया। उन्होंने 2011-15 में आईआईटी-बॉम्बे में बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग की। उन्होंने एक साल के लिए दक्षिण कोरिया में सैमसंग के साथ काम किया।
बाद में इम्मादी आईएएस अधिकारी बनने के अपने सपने को साकार करने के लिए भारत लौट आए। अपने पहले प्रयास में, उन्होंने यूपीएससी सीएसई-2017 में एआईआर -24 हासिल किया। वह वर्तमान में भारतीय सरकार के साथ एक सिविल सेवक है।
2012 आईआईटी-जेईई में फरीदाबाद के अर्पित अग्रवाल ने शीर्ष स्थान हासिल किया। इसके बाद उन्होंने आईआईटी-दिल्ली में बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग (2012-16) की पढ़ाई पूरी की। उन्होंने "माई एनकाउंटर विद आईआईटी जेईई: द स्टोरी ऑफ तैयारी" नामक पुस्तक भी लिखी।
उन्होंने टॉवर रिसर्च कैपिटल (2014) और ड्यूश बैंक (2015) में प्रशिक्षिण लिया। वह वर्तमान में टॉवर रिसर्च कैपिटल में एक रणनीतिकार के रूप में काम कर रहे हैं और दिल्ली में रहते हैं।
हैदराबाद के पल्लरला साईं संदीप रेड्डी ने आईआईटी-जेईई में पहली रैंक प्राप्त की। उन्होंने आईआईटी बॉम्बे (2013-17) से कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग में बीटेक किया। उन्होंने "एसीएम इंटरनेशनल कॉलेजिएट प्रोग्रामिंग प्रतियोगिता" में दो बार फाइनल में जगह बनाई।
उन्होंने रोबोट प्रौद्योगिकी में एक कोर्स में शामिल होने का अपना सपना भी व्यक्त किया। उन्होंने पहले अमेरिकन एक्सप्रेस के साथ काम किया और बाद में माइक्रोसॉफ्ट में शामिल हो गए, जहां वह वर्तमान में काम कर रहे हैं।