कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार को कर्नाटक के मैसूर में गृहलक्ष्मी योजना का शुभारंभ किया। राज्य सरकार की इस योजना से परिवार की महिला मुखिया को प्रतिमाह 2,000 रुपये की नकद सहायता मिलेगी। उद्घाटन कार्यक्रम में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए। योजना प्रदेश के 10,400 स्थानों पर एक साथ शुरू की गई।
कर्नाटक विधानसभा चुनाव के दौरान कांग्रेस पार्टी ने पांच चुनावी वादे किए थे, जिनमें गृहलक्ष्मी योजना भी है। लिहाजा जानते हैं कि कार्यक्रम में क्या बोले राहुल?? गृहलक्ष्मी योजना क्या है? किसे लाभ मिलेगा? योजना पर कितना खर्चा आएगा?
कर्नाटक
- फोटो : DK Shivakumar
क्या बोले राहुल?
कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कांग्रेस नेता राहुल ने कहा कि चुनाव से पहले हमनें पांच वादे किए थे। कांग्रेस या उसके नेता कुछ कहते हैं, तो हम करके दिखाते हैं। ये हमारी और कर्नाटक सरकार की गारंटी है। हमनें पहले शक्ति योजना को भी पूरा किया जिसके कारण महिलाओं को बस में जाने के पैसे नहीं लगते हैं। अन्न भाग्य और गृह ज्योति योजना शुरू की गई। पांच योजनाओं में युवा निधि को छोड़कर बाकि सभी महिलाओं के लिए हैं।
इससे पहले, राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने मंगलवार को मैसूरु जिला मुख्यालय में प्रसिद्ध चामुंडेश्वरी मंदिर में पूजा-अर्चना की। सबसे पहले प्रतीकात्मक रूप से देवी चामुंडेश्वरी को 2000 रुपए की धनराशि समर्पित की गई।
गृहलक्ष्मी योजना का शुभारंभ करते मुख्यमंत्री सिद्धारमैया।
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गृहलक्ष्मी योजना क्या है?
गृहलक्ष्मी योजना के तहत 1.11 करोड़ परिवारों की महिला मुखिया को 2,000 रुपये ट्रांसफर किए गए। अगले साल लाभार्थियों की संख्या 1.3 करोड़ तक जाने का लक्ष्य है। इसमें गरीबी रेखा से नीचे और ऊपर के परिवारों की महिलाएं पात्र हैं। इसका लाभ केवल वे परिवार ही उठा सकते हैं जो वस्तु और सेवा कर (जीएसटी) और आयकर रिटर्न दाखिल नहीं करते हैं। योजना के अंत्योदय कार्डधारक भी पात्र हैं। अंत्योदय योजना गरीबों को सब्सिडी वाला भोजन देती है।
सरकार के मुताबिक, गृहलक्ष्मी योजना का उद्देश्य परिवार के भरण-पोषण की जिम्मेदारी संभालने वाली और आत्मनिर्भर जीवन जीने के सपने को साकार करने वाली राज्य की एक करोड़ से अधिक महिलाओं को वित्तीय सहायता प्रदान करना है।
सिद्धारमैया
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योजना का लाभ किसे मिलेगा?
कांग्रेस के मुताबिक, गृहलक्ष्मी योजना महिलाओं के लिए दुनिया की सबसे बड़ी प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (डीबीटी) योजना है। पार्टी के अनुसार, इस योजना से राज्य की लगभग 1.11 करोड़ महिलाओं को लाभ होने की संभावना है।
सरकार के मुताबिक, गृहलक्ष्मी योजना के लिए अभी तक 1.9 करोड़ महिलाओं ने पंजीकरण कराया है, जिन्हें सरकार की ओर से सहायता दी जाएगी। राज्य के सभी जिलों में अधिकतर लाभार्थियों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। राज्य के सबसे बड़े जिले और महिला एवं बाल कल्याण मंत्री लक्ष्मी हेब्बालकर के गृह जिले बेलगाम में लगभग 10 लाख लाभार्थी हैं। इस योजना के लिए पंजीकरण 19 जुलाई से शुरू हुआ था।
योजना पर कितना खर्चा आएगा?
कर्नाटक के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने पहले कहा था कि इस योजना से राज्य को 30,000 करोड़ रुपये की लागत आने की उम्मीद है। हालांकि, राज्य की विपक्षी पार्टी भाजपा ने फंडिंग स्रोत पर सवाल उठाया है। सिद्धारमैया सरकार ने पहले ही महिलाओं के लिए मुफ्त बस सेवा, पांच किलो चावल के बदले भुगतान और घरों में 200 यूनिट मुफ्त बिजली शुरू कर दी है।
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लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को क्या उम्मीद?
इससे पहले बताया गया था कि कार्यक्रम में 1.5 लाख से अधिक महिला लाभार्थियों के भाग लेने की उम्मीद है। राज्य सरकार की तरफ से मैसूर में भव्य समारोह की व्यवस्था की गई। महाराजा कॉलेज मैदान में भव्य पंडाल बनाया गया। कांग्रेस नेताओं का दावा है कि इस योजना से अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी को लाभ मिलेगा।
Congress Karnataka manifesto: Congress president Mallikarjun Kharge with D.K. Shivakumar and Siddara
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पांच चुनावी वादों का हिस्सा है यह योजना
कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव से पहले वादा किया था कि वह सत्ता में आते ही पांच गारंटी लागू करेगी। इनमें हर घर को 200 यूनिट मुफ्त बिजली (गृह ज्योति योजना), प्रत्येक परिवार की महिला मुखिया को दो हजार रुपये की मासिक सहायता (गृहलक्ष्मी योजना), गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों के हर सदस्य को प्रत्येक महीने 10 किलो मुफ्त चावल (अन्न भाग्य योजना), दो साल तक 18 से 25 साल की उम्र वाले प्रत्येक स्नातक बेरोजगार को हर महीने तीन हजार रुपये और डिप्लोमा धारक को 1500 रुपये महीना का भत्ता (युवा निधि योजना) और सार्वजनिक बसों में महिलाओं को मुफ्त यात्रा की सुविधा (शक्ति योजना) शामिल हैं।