जी-20 के सदस्य वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का करीब 85 फीसदी, वैश्विक व्यापार के 75 फीसदी और विश्व की आबादी के दो-तिहाई से अधिक का प्रतिनिधित्व करते हैं।
सदस्य देशों के नाम
- अर्जेंटीना
- ऑस्ट्रेलिया
- ब्राजील
- कनाडा
- चीन
- फ्रांस
- जर्मनी
- भारत
- इंडोनेशिया
- इटली
- जापान
- रिपब्लिक ऑफ कोरिया
- मैक्सिको
- रूस
- सऊदी अरब
- दक्षिण अफ्रीका
- तुर्की
- यूनाइटेड किंगडम
- संयुक्त राज्य अमेरिका
- यूरोपीय संघ
जी20 शिखर सम्मेलनों की तिथि
| |
तिथि |
स्थान |
| 1 |
14-15, नवंबर, 2008 |
वाशिंगटन, अमेरिका |
| 2 |
2 अप्रैल, 2009 |
लंदन, यूनाईटेड किंगडम |
| 3 |
24-25, सितंबर, 2009 |
पीट्सबर्ग, अमेरिका |
| 4 |
26-27, जून, 2010 |
टोरंटो, कनाडा |
| 5 |
11-12, नवंबर, 2010 |
सियोल, दक्षिण कोरिया |
| 6 |
3-4, नवंबर, 2011 |
कान्स, फ्रांस |
| 7 |
18-19 जून, 2012 |
लॉस कॉबोस, मेक्सिको |
| 8 |
5-6, सितंबर, 2013 |
सेंट पीटर्सबर्ग, रूस |
| 9 |
15-16 नवंबर, 2014 |
ब्रिसबन, ऑस्ट्रेलिया |
| 10 |
15-16 नवंबर, 2015 |
अंतालिया तुर्की |
| 11 |
30 नवंबर-1 दिसंबर 2018 |
ब्यूनस आयर्स, अर्जेंटीना |
वार्षिक शिखर सम्मेलन की तैयारी वरिष्ठ अधिकारियों के जिम्मे होती है जिन्हें 'शेरपा' कहा जाता है और जो जी-20 के नेताओं का प्रतिनिधित्व करते हैं। जी-20 नेतृत्व शिखर सम्मेलन की तैयारी में ऑस्ट्रेलिया कई बैठकें आयोजित कर रहा है जिनमें वित्तमंत्रियों, व्यापार मंत्रियों, रोजगार मंत्रियों, शेरपाओं, वित्तीय उपाध्यक्षों तथा विषय-विशिष्ट कार्य दलों की बैठकें शामिल हैं।
जी-20 के बारे में खास बातें
ये देश विश्व के आर्थिक उत्पादन के 85 फीसदी का और जनसंख्या के 60 फीसदी का प्रतिनिधित्व करते हैं। विश्व बैक और आईएमएफ के प्रमुख भी इस संगठन के सदस्य हैं। जी-20 की पहली बैठक दिसंबर 1999 में बर्लिन में हुई थी।
क्यों पड़ी जी-20 जैसे मंच की जरूरत
जी-20 का गठन उभरती और विकासशील अर्थव्यवस्थाओं के साथ विचार विमर्श और समन्वय को बढ़ावा देने के उद्देशय के किया गया था। विश्व के सात प्रमुख औद्योगिक देश कनाडा, फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, ब्रिटेन और संयुक्त राज्य अमेरिका सबसे पहले जी-20 में शामिल हुए।
किस देश की कितनी है जीडीपी और कितनी है आबादी?
1) फ्रांस: जीडीपी 2,420.4, आबादी 6.68 करोड़
2) अमेरिका: जीडीपी 19,417 आबादी 32.3 करोड़
3) इंडोनेशिया: जीडीपी 1,020.5, आबादी 25.8 करोड़
4) मेक्सिको: जीडीपी 987.30 आबादी 12.3 करोड़
5) द. अफ्रीका: जीडीपी 317.56, आबादी 5.43 करोड़
6) अर्जेंटीना: जीडीपी 628.93 आबादी 4.38 करोड़
7) जर्मनी: जीडीपी 3,423.2 आबादी 8.07 करोड़
8) चीन: जीडीपी 11,795, आबादी 138 करोड़
9) रूस: जीडीपी 1,560.7, आबादी 14.2 करोड़
10) तुर्की: जीडीपी 793.69, आबादी 8.02 करोड़
11) ब्राजील: जीडीपी 2,140.9, आबादी 20.58 करोड़
12) द. कोरिया: जीडीपी 1,498.1, आबादी 5.09 करोड़
13) भारत: जीडीपी 2,454.4, आबादी 126 करोड़
नोट: जीडीपी अरब डालर में है
जी 20 की अध्यक्षता एक प्रणाली के तहत हर साल बदलती रहती है। जो समय के साथ क्षेत्रीय संतुलन को सुनिश्चित करता है। अनौपचारिक राजनीतिक मंच की अपनी प्रकृति को दर्शाते हुए जी-20 का कोई स्थायी सचिवालय नहीं है। इसके बजाय अन्य सदस्यों के साथ जी 20 एजेंडा पर परामर्श और वैश्विक अर्थव्यवस्था में हुए विकास पर प्रतिक्रिया देने के लिए उन्हें एक साथ लाने की जिम्मेदारी जी- 20 के अध्यक्ष की होती है।
ट्रंप, जिनपिंग, पुतिन और मैक्रों से मोदी की मुलाकात
मोदी की मुलाकात चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग से तय हो चुकी है। इस साल यह उनकी चौथी मुलाकात होगी। लेकिन पिछले साल जून के बाद से अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से मुलाकात नहीं हुई है। रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन और फ्रांस के राष्ट्रपति इमानुल मैक्रों से उनकी मुलाकात की कोशिशें चल रही हैं। मोदी मेजबान देश के राष्ट्रपति और संयुक्त राष्ट्र महासचिव से भी मुलाकात करेंगे।
जी-8 से कैसे है अलग
जी-8 विश्व के सर्वोच्च संपन्न औद्योगिक देशों- फ्रांस, जर्मनी, इटली, यूनाइटेड किंग्डम, जापान, संयुक्त राज्य अमेरिका, कनाडा एवं रूस का एक संघ है। यह समूह आर्थिक विकास एवं संकट प्रबंधन, वैश्विक सुरक्षा, ऊर्जा एवं आतंकवाद जैसे वैश्विक मुद्दों पर आमसहमति को बढ़ावा देने के लिए सालाना बैठक का आयोजन करता है। जी- 6 फ्रांस, जर्मनी, इटली, जापान, यूके और अमेरिका से बना था। इसके बाद 1976 में इस समूह में कनाडा के शामिल होने के बाद यह जी-7 और 1998 में रूस के शामिल होने पर जी-8 बन गया।