सेंट्रल विस्टा परियोजना के तहत एक नए संसद भवन और नए आवासीय परिसर का निर्माण किया जाएगा। इसमें प्रधानमंत्री और उप राष्ट्रपति के आवास के साथ कई नए कार्यालय भवन और मंत्रालय के कार्यालयों के लिए केंद्रीय सचिवालय का निर्माण किया जाना है। सेंट्रल विस्टा परियोजना की सितंबर 2019 में घोषणा की गई थी। 10 दिसंबर 2020 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने परियोजना की आधारशिला रखी थी। इस पुनर्विकास परियोजना में एक नए संसद भवन का निर्माण प्रस्तावित है।
एक केंद्रीय सचिवालय का भी निर्माण किया जाएगा। इसके साथ ही इंडिया गेट से राष्ट्रपति भवन तक तीन किलोमीटर लंबे ‘राजपथ’ में भी परिवर्तन प्रस्तावित है। सेंट्रल विस्टा क्षेत्र में नॉर्थ और साउथ ब्लॉक को संग्रहालय में बदल दिया जाएगा और इनके स्थान पर नए भवनों का निर्माण किया जाएगा। इसके अलावा इस क्षेत्र में स्थित ‘इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केंद्र’ को भी स्थानांतरित करने का प्रस्ताव है। इस क्षेत्र में विभिन्न मंत्रालयों व उनके विभागों के लिए कार्यालयों का निर्माण किया जाएगा।
परियोजना को लेकर क्या बोले राहुल गांधी
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सेंट्रल विस्टा को आपराधिक बर्बादी करार दिया है। उन्होंने एक ट्वीट में लिखा कि लोगों की जान केंद्र में रखिए, न कि नया घर पाने के लिए अपनी अंधी हेकड़ी। वहीं, इस पर पलटवार करते हुए केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने कहा कि मामले में पार्टी का रुख अजीब है क्योंकि उसके नेताओं ने यूपीए सरकार के दौरान इस प्रस्ताव का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि यूपीए की सरकार के दौरान कांग्रेस नेताओं ने संसद के नए भवन की जरूरत को लेकर चिट्ठियां लिखी थी।
इस मामले में सर्वोच्च अदालत ने क्या कहा
सुप्रीम कोर्ट में न्यायमूर्ति सरन और न्यायमूर्ति दिनेश माहेश्वरी की पीठ ने वरिष्ठ अधिवक्ता सिद्दार्थ लूथरा की याचिका पर विचार करने से इनकार कर दिया। लूथरा ने अनुरोध किया था कि शीर्ष अदालत दिल्ली हाईकोर्ट को सेंट्रल विस्टा निर्माण के खिलाफ जनहित याचिका पर तत्काल सुनवाई के लिए बाध्य करे। न्यायालय ने हालांकि सहमति जताई कि स्थिति वास्तव में गंभीर है और कहा कि अगर वह उस जनहित याचिका पर जल्द सुनवाई चाहते हैं तो वह फिर से दिल्ली हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं।
लूथरा ने पीठ से कहा कि यह मामला अत्यधिक महत्वपूर्ण है क्योंकि देश एक अभूतपूर्व मानवीय संकट का सामना कर रहा है। उन्होंने कहा कि वह राजपथ, सेंट्रल विस्टा विस्तार और उद्यान में चल रहे निर्माण कार्य को जारी रखने की प्रदान की गई अनुमति की चुनौती से चिंतित हैं। लूथरा ने कहा, 'मजदूरों को सराय काले खां और करोल बाग क्षेत्र से राजपथ और सेंट्रल विस्टा तक ले जाया जा रहा है, जहां निर्माण कार्य चल रहा है। इससे उनके बीच कोविड संक्रमण फैलने की संभावना बढ़ जाती है।'
कुछ इस तरह का होगा नया संसद भवन
सेंट्रल विस्टा परियोना के तहत बनने वाली संसद भवन की नई इमारत करीब 65,400 स्क्वायर मीटर में बनाई जाएगी और यह भव्य कलाकृतियों से युक्त होगी। इमारत एक तिकोना ढांचा होगा और इसकी ऊंचाई पुरानी इमारत जितनी ही होगी। इसमें एक बड़ा संविधान हॉल, सांसदों के लिए एक लाउन्ज, एक लाइब्रेरी, कई कमेटियों के कमरे, डाइनिंग एरिया जैसे कई कम्पार्टमेंट होंगे। बता दें कि इसके लोकसभा चैंबर में 888 सदस्यों के बैठने की क्षमता होगी, जबकि राज्यसभा में 384 सीट होंगी।