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त्रिपुरा : उच्च न्यायालय की फटकार के बाद जबरन शादी रुकवाने वाले पूर्व जिलाधिकारी का हुआ तबादला

Thu, 06 May 2021 03:17 AM IST
Jeet Kumar पीटीआई, अगरतला

सार

  • शैलेश कुमार यादव पर अगरतला में हो रहे शादी सामारोह के बारातियों, दूल्हे और पंडित से दुर्व्यवहार करने का आरोप है।
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सांकेतिक तस्वीर.... - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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त्रिपुरा उच्च न्यायालय की फटकार के बाद राज्य सरकार ने बुधवार को पूर्व जिलाधिकारी शैलेश कुमार यादव का तबादला पश्चिमी त्रिपुरा जिले से बाहर कर दिया। यादव उस समय चर्चा में आए थे जब उन्होंने कोविड-19 नियमों को लागू करवाने के तहत एक शादी को जबरन रुकवा दिया था।

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यादव पर कथित रूप से अगरतला में हो रहे शादी सामारोह के बारातियों, दूल्हे और पंडित से दुर्व्यवहार करने का आरोप है। मामले में विभागीय जांच होने के दौरान यादव के ही अनुरोध पर उनको उनके पद से मुक्त कर दिया गया था।

उस घटना से जुड़ी याचिका पर सुनवाई करते हुए मुख्य न्यायाधीश ए कुरेशी और न्यायमूर्ति एसजी चटोपाध्याय की पीठ ने एडवोकेट जनरल सिद्धार्थ शंकर डे से पूछा कि राज्य सरकार ने अबतक उनके (यादव) खिलाफ क्या कार्रवाई की है।
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डे ने बताया कि यादव को पश्चिमी त्रिपुरा के जिलाधिकारी पद से हटा दिया गया है और इस समय वह 12 दिनों की छुट्टी पर हैं। इस पर अदालत ने पूछा कि कैसे उन्हें पश्चिमी त्रिपुरा में रहने की अनुमति दी गई जहां 26 अप्रैल की रात घटना हुई। पीठ ने एडवोकेट जनरल को आधे घंटे में बताने को कहा कि यादव को जिले से बाहर कहां तबादला किया जा रहा है।

एडोवोकेट जनरल ने इसके बाद प्रशासन से जवाब मांगा और मुख्य सचिव मनोज कुमार से जानकारी मिलने के बाद अदालत को बताया कि यादव को दक्षिण त्रिपुरा जिले के मुख्यालय बेलोनिया स्थानांतरित किया जा रहा है।

उन्होंने बताया कि बेलोनिया में उन्हें अभी पद आवंटित करना बाकी है और यह अगरतला (जहां घटना हुई थी)से 110 किलोमीटर दूर है। उल्लेखनीय है कि 27 अप्रैल को मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब ने घटना की जांच के लिए दो वरिष्ठ आईएएस अधिकारियों की जांच समिति गठित की थी।

इसके बाद उच्च न्यायालय ने यादव के खिलाफ पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने के लिए सेवानिवृत्त जिला जज सुभाष सिकदर को समिति के तीसरे सदस्य के तौर पर नामित किया था।

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