क्या बंगाल में लग सकता है राष्ट्रपति शासन?
केंद्र सरकार चाहे तो कानून-व्यवस्था का हवाला देकर राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा सकती है। राज्य में ममता बनर्जी सरकार को घेरने के लिए यह भाजपा के लिए अच्छा मौका सकता है।
पिछले साल दो मई को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के नतीजों आने के बाद भी राज्य भर से भाजपा कार्यकर्ताओं के खिलाफ हिंसा की खबरें आई थीं। तब भी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की गई थी।
राष्ट्रपति शासन का मतलब क्या है?
राष्ट्रपति शासन का मतलब है किसी राज्य का नियंत्रण भारत के राष्ट्रपति के पास चले जाना। लेकिन प्रशासनिक दृष्टि से केंद्र सरकार इसके लिए राज्य के राज्यपाल को कार्यकारी अधिकार प्रदान करती है। संविधान के अनुच्छेद 352, 356 और 365 में राष्ट्रपति शासन से जुड़े प्रावधान दिए गए हैं।
राष्ट्रपति शासन लगाने के नियम क्या हैं?
ऐसे में यह सवाल उठता है कि किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने के नियम क्या हैं और इसे किन-किन परिस्थितियों में लगाया जा सकता है?
किसी भी राज्य में राष्ट्रपति शासन संविधान के अनुच्छेद 356 के तहत लगाया जाता है।
अनुच्छेद 356 राष्ट्रपति को किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का अधिकार देता है।
भारत में राष्ट्रपति शासन का अर्थ किसी राज्य में केंद्र सरकार का शासन लागू होना होता है।
किसी राज्य में राष्ट्रपति शासन कब लग सकता है?
जब केंद्र सरकार को ऐसा लगता है कि राज्य सरकार संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार कार्य करने में असमर्थ है, तो उसकी सलाह पर राष्ट्रपति राज्य सरकार को बर्खास्त कर राष्ट्रपति शासन लागू करने की अनुमति देते हैं। ऐसा होने पर राष्ट्रपति की अनुमित से केंद्र सरकार राज्य मशीनरी का सीधा नियंत्रण अपने हाथ में ले सकती है।