साध्वी प्रज्ञा सिंह ठाकुर (फाइल फोटो)
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पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी की पार्टी की प्रचंड जीत के बाद से हिंसा भड़क गई। चुनाव परिणाम के बाद मचे खून खराबे में कई लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए। हिंसा को लेकर भोपाल से भाजपा की सांसद प्रज्ञा ठाकुर ने पश्चिम बंगाल सरकार पर विवादित टिप्पणी की है। प्रज्ञा ठाकुर ने बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ताड़का बताया। उन्होंने पश्चिम बंगाल को मुमताज का लोकतंत्र बताते हुए हिंदू कार्यकर्ताओं की निर्मम हत्या, बलात्कार की घटनाओं पर नाराजगी जाहिर की और लिखा- अब टिट फॉर टैट करना ही होगा यानी जैसे को तैसा।
भाजपा सांसद ने कहा कि अब लोगों को असम में शरण लेनी पड़ रही है। इसके लिए एकमात्र उपाय राष्ट्रपति शासन और एनआरसी ही है। संतों और वीरों की भूमि पर ताड़का का शासन हो गया। हालांकि, प्रज्ञा ठाकुर की पोस्ट के बाद लोगों ने प्रतिक्रिया दी है। इसको लेकर सोशल मीडिया पर बहस भी शुरू हो गई है। किसी ने इसे कश्मीर बनने की शुरुआत बताया, तो किसी ने इसे भाजपा की हार की खीज बताया है। वहीं कुछ लोगों ने इसके लिए भाजपा को भी घेरा है।
प्रज्ञा ठाकुर के बयान पर पलटवार करते हुए मध्यप्रदेश में कांग्रेस नेता केके मिश्रा ने कहा कि कोरोना के कहर से लाशों के ढेर से बेखबर प्रज्ञा सिंह अचानक प्रकट हुई। वह भी बंगाल व ममता बनर्जी को लेकर। प्रज्ञा बंगाल मे राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग कर रही हैं। वे यह भी बतातीं कि भोपाल में कितनी मौतें हुई तो बेहतर होता।
बता दें कि प्रज्ञा ठाकुर ने पिछले चुनाव में भोपाल लोकसभा सीट से कांग्रेस नेता और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को हराया था। इसके बाद से वे कई मुद्दों पर विवादित टिप्पणी कर चुकी हैं, जिनसे भाजपा को किनारा करना पड़ा। ताजा मामले में इसी तरह की टिप्पणी कंगना रनौत कर चुकी हैं, जिनका ट्वीटर हैंडल सस्पेंड किया गया।