पश्चिम बंगाल के राशन घोटाला मामले में टीएमसी नेता शाहजहां शेख ने पीएमएलए कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका लगाई है। टीएमसी नेता की याचिका पर पीएमएलए कोर्ट आज सुनवाई करेगी। शाहजहां शेख फिलहाल फरार है। शाहजहां शेख पर बीती 5 जनवरी को संदेशखाली में ईडी टीम पर हमले की साजिश रचने का भी आरोप है। शाहजहां शेख मामले को लेकर जब राज्यपाल सीवी आनंद बोस से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि 'कानून अपना काम कर रहा है। दोषियों को सजा मिलेगी। इसमें जल्दबाजी नहीं करनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होगी।'
ईडी टीम पर हमले की साजिश रचने का आरोप
शाहजहां शेख पश्चिम बंगाल के राशन घोटाले में आरोपी हैं। बीती 5 जनवरी को ईडी की टीम शाहजहां शेख के उत्तरी 24 परगना जिले में स्थित घर पर छापेमारी करने गई थी, लेकिन शाहजहां शेख वहां नहीं मिले। इस दौरान ईडी टीम पर शाहजहां शेख के समर्थकों ने हमला कर दिया। इस हमले में कई ईडी अधिकारी और सुरक्षाकर्मी घायल हो गए थे। इस घटना के बाद से ही शाहजहां शेख फरार है और उनके बारे में कोई जानकारी नहीं है। ईडी शाहजहां शेख के ठिकानों पर उसके बाद भी छापेमारी कर चुकी है, लेकिन अभी तक शाहजहां शेख का कुछ पता नहीं है। शाहजहां शेख पर ईडी टीम पर हमले की साजिश रचने का भी आरोप है।
क्या है बंगाल का राशन घोटाला
पश्चिम बंगाल में राशन वितरण घोटाला सामने आया था। इसकी जांच ईडी द्वारा की जा रही है। भाजपा नेताओं का दावा है कि यह घोटाला बीते एक दशक से बंगाल में हो रहा था और इसमें हजारों करोड़ रुपये की धांधली की गई है। आरोप है कि इस घोटाले में सरकारी गेहूं को राशन वितरकों ने मिल मालिकों के साथ मिलकर निर्धारित मात्रा से कम मात्रा में राशन उठाया। जांच एजेंसियों का दावा है कि इससे बंगाल में राशन वितरण प्रणाली में 20-40 फीसदी तक घाटा हुआ। जो अनाज बचा, उसे खुले बाजारों में बाजार दर से बेच दिया गया। आरोप है कि इस घोटाले से मिली रकम को कमीशन के रूप में घोटाला करने वाले सिंडिकेट के बीच कमीशन के रूप में बांटा गया। इस मामले में बंगाल के पूर्व खाद्य और आपूर्ति मंत्री ज्योतिप्रिय मलिक को गिरफ्तार किया था। इसी मामले में शाहजहां शेख भी आरोपी है।