सदन से निलंबित भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने कहा 'हमने निलंबन के खिलाफ एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। संदेशखाली में जो हुआ, उसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए ममता बनर्जी ने मुझे और चार अन्य विधायकों को विधानसभा से निलंबित कर दिया।'
संदेशखाली में जारी हंगामे के बीच भाजपा विधायकों ने गुरुवार को सदन में सीएम ममता बनर्जी से संदेशखाली के मुद्दे पर बयान देने की मांग की। अपनी मांग को लेकर भाजपा विधायकों ने जमकर हंगामा किया और विरोध में सदन से वॉकआउट किया। पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा के चीफ व्हिप मनोज तिग्गा ने सदन में भाजपा विधायकों का नेतृत्व किया। स्पीकर बिमान बंदोपाध्याय ने भाजपा विधायकों को सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की, लेकिन भाजपा विधायकों ने हंगामा जारी रखा।
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भाजपा की मांग- संदेशखाली मुद्दे पर बयान दें सीएम ममता बनर्जी
सदन से वॉकआउट के बाद मीडिया से बात करते हुए तिग्गा ने कहा 'सीएम मुद्दे पर कोई बयान नहीं दे रही हैं, ऐसे में हमने सदन से वॉकआउट का फैसला किया। संदेशखाली में कानून व्यवस्था चरमराई हुई है और हमें वहां जाने नहीं दिया जा रहा है।' टीएमसी के चीफ व्हिप निर्मल घोष ने भाजपा के विरोध पर कहा कि भाजपा राज्य के माहौल को गरमाना चाहती है और सदन की कार्यवाही को बाधित कर रही है।
सदन से निलंबित भाजपा विधायक संदेशखाली रवाना
सोमवार को सदन में नेता विपक्ष सुवेंदु अधिकारी समेत छह भाजपा विधायकों को सदन से निलंबित कर दिया गया था। सदन से निलंबित भाजपा विधायक सुवेंदु अधिकारी ने गुरुवार को मीडिया से बात करते हुए कहा 'हमने निलंबन के खिलाफ एक घंटे तक विरोध प्रदर्शन किया। संदेशखाली में जो हुआ, उसके खिलाफ आवाज उठाने के लिए ममता बनर्जी ने मुझे और चार अन्य विधायकों को विधानसभा से निलंबित कर दिया। हम धारा 144 का पालन करते हुए संदेशखाली जा रहे हैं।'
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संदेशखाली में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन कर रही भाजपा
भाजपा का आरोप है कि संदेशखाली में स्थानीय लोगों पर टीएमसी नेताओं द्वारा अत्याचार किया जा रहा है। इस मुद्दे पर भाजपा संदेशखाली में विरोध प्रदर्शन भी कर रही है। बुधवार को संदेशखाली में भाजपा और पुलिस के बीच झड़प भी हुई, जिसमें पश्चिम बंगाल भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुकांत मजूमदार घायल हो गए थे। संदेशखाली में विरोध प्रदर्शन का आज सातवां दिन है। बड़ी संख्या में महिलाएं सड़कों पर उतरी हुई हैं और टीएमसी नेता शाहजहां शेख की गिरफ्तारी की मांग कर रही हैं। शाहजहां शेख और उसके समर्थकों पर आरोप है कि उन्होंने स्थानीय लोगों की जमीन पर कब्जा किया और महिलाओं के साथ यौन उत्पीड़न किया। शाहजहां शेख बीती 5 जनवरी से फरार है। शाहजहां शेख राशन घोटाले में भी आरोपी है।