किसानों की आत्महत्याओं को लेकर भाजपा ने तृणमूल कांग्रेस सरकार पर हमला कर कहा कि यह न सिर्फ चोरों बल्कि अपराधियों की भी सरकार है। सरकार के अनुसार यहां किसी किसान ने आत्महत्या नहीं की है, लेकिन एक आरटीआई में सामने आया है कि पूरबा मेदिनीपुर में 122 किसानों ने पिछले साल आत्महत्या की। 2022 में अब तक 34 किसानों की आत्महत्या दर्ज हैं।
एक कार्यकर्ता बिश्वनाथ गोस्वामी के आरटीआई आवेदन के बाद यह आंकड़े सामने आए। घाटाल क्षेत्र में 2021 में 63 आत्महत्या हुईं, इस साल 13 मामले दर्ज हुए हैं। इसी तरह गोलतोरे में पिछले साल 14 और इस साल अब तक 5 ने आत्महत्या की। आनंदापुर में 10, केशवपुर में 8 और दातान व मोहनपुर में 7-7 आत्महत्या साल 2021 में दर्ज हैं।
हाल में जारी नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो के अनुसार भी यहां पिछले साल किसी किसान ने आत्महत्या नहीं की थी। भाजपा के सहप्रभारी अमित मालवीय ने आरटीआई रिपोर्ट का स्क्रीनशॉट पोस्ट कर कहा, ‘अब ममता बनर्जी ही इसे समझाएं। राज्य सरकार और एनसीआरबी रिपोर्ट में शून्य आत्महत्या हैं, लेकिन आरटीआई में 122।’ भाजपा ने राज्य सरकार की नीयत और डाटा पर सवाल उठाए।