आत्मविश्वास से ओतप्रोत भारतीय महिला क्रिकेट टीम बुधवार को इंग्लैंड के खिलाफ दूसरा वनडे के साथ ही सीरीज जीतने के इरादे से उतरेगी। भारतीय महिला क्रिकेट टीम 23 साल बाद इंग्लैंड में वनडे सीरीज जीतना चाहेगी। इससे पहले चंद्रकांता कौल की कप्तानी में भारत ने 1999 में इंग्लैंड में वनडे सीरीज 2-1 से जीती थी। इस सीरीज में अंजुम चोपड़ा ने शतक और अर्धशतक लगाया था।
टी-20 सीरीज में 1-2 की हार से उबरकर भारत ने पहले वनडे में 7 विकेट से जोरदार जीत हासिल की। स्मृति मंधाना, यस्तिका भाटिया और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने अर्धशतकीय पारियां खेली थीं। इसके साथ ही भारत ने गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में भी अच्छा प्रदर्शन किया था। सीनियर खिलाड़ियों की गैरमौजूदगी में इंग्लैंड की टीम कुछ कमजोर है।
भारतीय टीम को अपनी लय को जारी रखना होगा, ताकि इंग्लैंड को वापसी का मौका न मिले। इसके साथ ही यह शृंखला झूलन गोस्वामी का अंतिम टूर्नामेंट है। भारतीय टीम 39 वर्षीय अपनी इस महान खिलाड़ी को विजयी विदाई देना चाहती है। झूलन ने पहले वनडे में 10 ओवर में 20 रन देकर एक विकेट लिया था और दो मेडन ओवर भी डाले थे। दूसरी ओपनर शेफाली वर्मा को भी टिककर खेलने की जरूरत है।
टीमें इस प्रकार हैं
भारत : हरमनप्रीत कौर (कप्तान), स्मृति मंधाना, शेफाली वर्मा, सब्बीनेनी मेघना, दीप्ति शर्मा, यस्तिका भाटिया (विकेटकीपर), पूजा वस्त्राकर, स्नेह राणा, मेघना सिंह, राजेश्वरी गायकवाड़, हरलीन देओल, दयालन हेमलता, सिमरन दिल बहादुर, झूलन गोस्वामी, तानिया भाटिया और जेमिमा रोड्रिग्स।
इंग्लैंड : एमी जॉन्स (कप्तान और विकेटकीपर), टैमी ब्यूमॉन्ट, लॉरेन बेल, माइया बाउचिअर, एलिस कैप्सी, केट क्रॉस, फ्रेया डेविस, एलिस डेविडसन रिचर्ड्स, चार्ली डीन, सोफिया डंकले, सोफी एक्लेस्टोन, फ्रेया केंप, ईसी वांग, डैनी व्याट।