प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कोलकाता राजभवन में रात्रि विश्राम से कुछ घंटे पहले गुरुवार शाम को बड़ी खबर आई। दरअसल, वहां की एक अस्थायी महिला कर्मी ने राज्यपाल डॉ. सीवी आनंद बोस पर छेड़खानी का सनसनीखेज आरोप लगाया है। महिला ने थाने में शिकायत की है। सूत्रों के मुताबिक, महिला ने गुरुवार शाम करीब सात बजे हेयर स्ट्रीट थाने जाकर लिखित में शिकायत करते हुए दावा किया कि राज्यपाल ने उसके साथ दो बार छेड़खानी की। पहली घटना गत 24 अप्रैल को हुई। उसके बाद गुरुवार शाम फिर उसके साथ छेड़खानी की गई। इस पर राजभवन की ओर से कहा गया है कि सत्य की जीत होगी।
जानकारी के मुताबिक, महिला का आरोप है कि राज्यपाल ने उसे बायोडाटा के साथ राजभवन स्थित अपने चेंबर में आने को कहा, जहां उसके साथ छेड़खानी की गई। महिला ने आगे बताया कि उसने पहले राजभवन में स्थित आउटपोस्ट में तैनात पुलिसकर्मियों से इसकी शिकायत की। वहां से उसे थाने में जाने को कहा गया। पुलिस की ओर से महिला का परिचय गोपनीय रखा गया है। पता चला है कि महिला 2019 से राजभवन में अस्थायी रूप से कार्यरत है। वह राजभवन परिसर में स्थित हॉस्टल में रहती है।
टीएमसी हमलावर
दूसरी तरफ तृणमूल कांग्रेस ने इसे लेकर राज्यपाल पर निशाना साधा है। बंगाल की वित्त राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) व पार्टी नेत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी एक ओर जहां नारी शक्ति की बात कर रहे हैं, वहीं राज्यपाल नारी का अपमान कर रहे हैं। बंगाल की सांस्कृतिक व ऐतिहासिक भूमि पर यह किस तरह की घटना हो रही है?
वहीं, तृणमूल की राज्यसभा सदस्य सागरिका घोष ने कहा कि यह घटना स्तब्ध करने वाली, डर पैदा करने वाली व लज्जाजनक है। दूसरी तरफ त्रिपुरा के पूर्व राज्यपाल व भाजपा नेता तथागत राय ने कहा कि संदेशखाली की घटना व भ्रष्टाचार से ध्यान हटाने के लिए इस तरह का हथकंडा अपनाया गया है। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार पुलिस राष्ट्रपति व सुप्रीम कोर्ट को इसकी सूचना दे सकती है।
राज्यपाल बोले- सत्य की जीत होगी
इधर, महिला के आरोपों पर देर शाम राज्यपाल की भी प्रतिक्रिया आईं। राज्यपाल बोस ने बयान जारी कर कहा कि सत्य की जीत होगी। मैं इंजीनियर्ड नैरेटिव से डरने से इन्कार करता हूं। अगर कोई मुझे बदनाम करके कुछ चुनावी लाभ चाहता है, तो भगवान उनका भला करे। लेकिन बंगाल में भ्रष्टाचार और हिंसा के खिलाफ मेरी लड़ाई को नहीं रोक सकते।
राजभवन ने जारी किया बयान
इस बीच, पश्चिम बंगाल राजभवन ने राज्यपाल सीवी आनंद बोस के खिलाफ कथित छेड़छाड़ मामले पर बयान जारी किया है। इसमें कहा गया है 'राज्यपाल के खिलाफ मानहानि और संविधान विरोधी मीडिया बयानों के लिए, कनिष्ठ राज्यपाल द्वारा नियुक्त वित्त विभाग की राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) चंद्रिमा भट्टाचार्य को कोलकाता, दार्जिलिंग और बैरकपुर के राजभवन परिसर में प्रवेश पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। राज्यपाल ने यह भी निर्देश दिया है कि वह मंत्री की उपस्थिति वाले किसी भी समारोह में भाग नहीं लेंगे। मंत्री के खिलाफ आगे के कानूनी कदमों पर सलाह के लिए भारत के अटॉर्नी जनरल से संपर्क किया गया है।"